हाथरस कांड के पीड़ितों को न्याय नहीं दे पाई सरकार: चंद्रशेखर
बुलंदशहर। सदर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव में प्रचार की सरगर्मी बढ़ गई है। रविवार को नुमाइश मैदान में आसपा प्रत्याशी के समर्थन में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर ने जनसभा की। इस दौरान उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार पर जमकर हमला बोला। साथ ही प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि हाथरस कांड में पीड़ित परिवार को प्रदेश सरकार सुरक्षा नहीं दे पाई। पीड़ित अभी भी भय के माहौल में जी रहे हैं।
चंद्रशेखर ने कहा कि अगर सत्ता चाहिए तो उसके लिए संघर्ष करना होगा। प्रदेश में हो रहे उपचुनावों में आसपा सिर्फ एक सीट पर चुनाव लड़ रही है। अगर हम चुनाव जीते तो यूपी की फिजा बदल जाएगी। साथ ही सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार पर विधायक खरीदने के लिए पैसे हैं, लेकिन गरीब के लिए नही। उन्होंने योगी सरकार को निकम्मी, झूठी और जातिवादी करार देते हुए कहा कि यह झूठी और जातिवादी सरकार है। इस सरकार में सिर्फ भाषणवीर नेता हैं। यूपी में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। वहीं, उन्होंने बागपत में दरोगा की दाढ़ी रखने पर निलंबन की कार्रवाई को भी चुनावी मुद्दा बनाते हुए कहा कि बागपत में दरोगा को दाढ़ी रखने की आजादी क्यों नहीं। संविधान सभी लोगों को अपने धर्म को मानने की आजादी देता है। मगर फिर भी दरोगा की दाढ़ी कटवा दी गई। भाजपा व अन्य राजनीतिक दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि आपको ट्वीटर वाला नेता चाहिए या सड़क वाला नेता। वहीं, उन्होंने प्रशासन और पुलिस विभाग पर भी हमला बोला। कहा कि प्रशासन गरीबों को न सताए, सरकार तो आती जाती रहती है। आप सभी को प्रदेश में ही रहना है। हाथरस मामले में सीएम द्वारा फंडिंग का आरोप लगाने के मामले में कहा कि सरकार 100 करोड़ की फंडिंग होने की बात कहती है। अगर सरकार एक लाख रुपये भी मेरे खाते में दिखा दे तो राजनीति से आजीवन सन्यास ले लूंगा। वहीं, उन्होंने एक दल के प्रत्याशी पर इशारों में हमला बोलते हुए कहा कि गुंडे बदमाश की जगह हमने आम नागरिक को चुनावी मैदान में उतारा है।
मंच पर कोविड-19 नियमों का हुआ उल्लंघन
जनसभा के दौरान मंच पर पदाधिकारियों समेत प्रत्याशी और राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर भी बिना मास्क के नजर आए। जबकि चुनाव आयोग ने कोविड-19 नियमों का पालन करने के निर्देश दिए थे। वहीं, मौके पर मौजूद प्रशासनिक अफसर और पुलिस विभाग मूकदर्शक बना नजर आया। ये हाल पहला नहीं, सभा और छोटी बैठकों के दौरान भी पार्टी प्रत्याशी और अन्य पदाधिकारी बिना मास्क पहने नजर आते रहते हैं। चुनाव प्रभारी हरीश भारद्वाज ने बताया कि कोविड-19 के नियमों का पालन किया जा रहा है।
आसपा के संस्थापक सदस्य ने दिया इस्तीफा
आसपा के संस्थापक सदस्य अजब सिंह कपासिया ने रविवार को आयोजित हुई जनसभा से पूर्व पार्टी की सदस्यता से त्यागपत्र दे दिया। बताया कि समाज के लोगों में पार्टी का रवैया अलग है। जल्द ही समाज के सामने पार्टी की नीतियों को रखूंगा।