बुलंदशहर। जिला चिकित्सालय में कुत्ता, बंदर, बिल्ली व अन्य जंगली जानवरों के काटने पर एआरवी लगवाने आ रहे लोगों की परेशानी को देखते हुए अब सीएमओ कार्यालय से उधार पर वैक्सीन ली जाएगी। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला चिकित्सालय की आईडी बनने में देरी होने पर दवा की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
जिला चिकित्सालय में दो दिन की एआरवी शेष रहने पर बुधवार को सीएमओ को पत्र देकर मांग की जाएगी। उधर, मंगलवार को ओपीडी में 200 लोगों को एआरवी और दो लोगों को एआरएस लगाई गई। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला चिकित्सालय व जिला महिला चिकित्सालय में दवाओं की आपूर्ति अब चिकित्सा शिक्षा के बजट से होगी। इसके लिए लखनऊ स्तर से आईडी जारी होने में देरी होने की वजह से आने वाले दिनों में सेवाएं लड़खड़ा सकती है।
जिला चिकित्सालय में सबसे अधिक परेशानी एआरवी को लेकर बनी हुई है। फिलहाल चिकित्सालय में तीन दिन की एआरवी बची है। लेकिन लोग बढ़े तो दो दिन में एआरवी समाप्त हो जाएगी। लोगों की परेशानी को देख मंगलवार को जिला चिकित्सालय प्रशासन सीएमओ कार्यालय पहुंचे। हालांकि सीएमओ के न मिलने पर वापस लौट आए और मोबाइल पर समस्या से अवगत कराया। हालांकि मंगलवार को सीएमओ कार्यालय से एआरएस की 10 वायल प्राप्त हो गई। अब बुधवार को जिला चिकित्सालय प्रशासन पत्र देकर जनहित में एआरवी की मांग करेंगे। जिससे लोगों को रेबीज से बचाया जा सके।
200 को एआरवी और दो को लगा सीरम
जिला चिकित्सालय की ओपीडी में मंगलवार को कुत्ता, बंदर, बिल्ली व अन्य जंगली जानवर के काटने पर 200 लोग एआरवी लगवाने पहुंचे। इसमें 37 मामले पालतू कुत्ते और 21 मामले पालतू बिल्ली के रहे। शेष को राह चलते या गली-छत पर कुत्ता-बंदर ने काटा। साथ ही दो लोगों के जख्म गहरे होने पर एआरएस लगाई गई। सालिम ने बताया कि बेटी को पालतू बिल्ली ने काट लिया। जिसे एआरवी लगवाई है। सनी ने बताया कि बेटा ट्यूशन जा रहा था, गली में एक कुत्ते ने उल्टे पैर में काट लिया।
कोट
सीएमओ कार्यालय से एआरएस की 10 वायल प्राप्त हो गई है। एआरवी के लिए बुधवार को पत्र देकर जनहित में मांग की जाएगी। - डॉ. प्रदीप राणा, प्रभारी सीएमएस जिला चिकित्सालय