बुलंदशहर। जिले की 75 ग्राम पंचायतों में अन्नपूर्णा स्टोर का निर्माण कराया जाएगा। इनके निर्माण पर 6.37 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे। एक स्टोर पर 8.50 लाख रुपये खर्च करने का प्रावधान रखा गया है। इससे कोटेदार राशन भंडारण के साथ सीएससी (कम्युनिटी सर्विस सेंटर) का भी संचालन कर सकेंगे। इसका लाभ करीब चार लाख लोगों को मिलेगा।
जिले में 1352 राशन की दुकानें संचालित हैं। शासन से पात्र गृहस्थी एवं अंत्योदय योजना के तहत राशन का वितरण कराया जाता है। जिले में जो भी कोटेदार हैं, वे या तो अपने घर या अपनी निजी जगह या फिर किराए पर दुकान लेकर राशन का वितरण करते हैं। इन दुकानें में इतनी जगह नहीं होती, जहां राशन कार्ड धारक खड़े हो सकें। कार्ड धारकों को दुकान के बाहर खड़े होकर ही राशन लेना पड़ता है। जिससे उन्हें सभी मौसम में परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं, डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था के तहत कोटे की दुकान पर राशन पहुंचाने का आदेश है। कई कोटेदारों की दुकानें संकरी गलियों में होने से वहां तक राशन से भरा वाहन नहीं पहुंच पहुंच पाता।
इससे इन कोटेदारों को डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था का पूरा लाभ नहीं मिल पाता है। इसे देखते हुए सरकार अब कोटेदारों को सरकारी भवन मुहैया कराएगी। इसके लिए ग्राम पंचायतों में अन्नपूर्णा स्टोर शॉप का निर्माण कराया जाएगा। डीएसओ के अनुसार प्रथम चरण में जिले की 75 राशन की दुकानों को अन्नपूर्णा स्टोर के तौर पर संचालित करने की तैयारी की है। इसके बाद अन्य दुकानों को भी अन्नपूर्णा स्टोर बनाया जाएगा।
इस तरह का बनेगा अन्नपूर्णा स्टोर
विभागीय अधिकारियों के अनुसार अन्नपूर्णा स्टोर बनाने के लिए चयनित ग्राम पंचायतों में जमीन मिल गई है। यहां पर स्टोर के दो चैंबर होंगे। एक चैंबर में सरकारी राशन का भंडारण होगा। इसे चेंबर फूड ग्रेन स्टोर नाम दिया जाएगा। जबकि दूसरे चैंबर में कोटेदार सीएससी और जनरल स्टोर का संचालन भी कर सकेगा। अन्नपूर्णा स्टोरों के बन जाने से कई तरह की समस्याएं दूर हो जाएंगी। इसके अलावा अनाज रखने की बेहतर सुविधा होगी तथा कार्डधारकों के बैठने, पीने के पानी आदि की व्यवस्था होगी। आम आदमी यहां बिजली का बिल जमा कर सकेगा तो सीएससी के माध्यम से सरकारी योजनाओं का भी लाभ उठा सकेगा। इसके अलावा कोटेदार राशन वितरण के साथ रोजमर्रा की वस्तुओं के बेचने की भी अनुमति होगी।
कोटेदार बदल सकते हैं, पर दुकान नहीं
कई बार कम राशन का वितरण समेत अन्य आरोप लगने के बाद कोटेदार को बदल दिया जाता है। ऐसे में कई बार राशन की दुकान बदल जाती है। राशन की दुकान अब अन्नपूर्णा स्टोर में के रूप में विकसित होने पर के बाद कोटेदार के बदलने के बाद भी स्थान परिवर्तन नहीं होगा। जिससे कार्ड धारकों को भी राहत मिलेगी। उनका राशन लेने के लिए इधर-उधर की भागदौड़ से निजात मिल जाएगी।
जिले की 75 राशन की दुकानों को प्रथम चरण में अन्नपूर्णा स्टोर बनाकर संचालित किया जाएगा। अन्नपूर्णा स्टोर बनाने के लिए 75 ग्राम पंचायतों में जमीन भी तलाश कर ली है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया गया है। जल्द ही इसकी शुरूआत होने की संभावना है। - सुनील कुमार, जिला पूर्ति अधिकारी