पिछले लंबे समय से हड़ताल पर बैठी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के चेहरे पर उस समय मुस्कराहट आ गई, जब राहुल गांधी ने उनकी आवाज को संसद में उठाने का ऐलान किया। सैकड़ों की तादाद में आई आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने तालियां बजाकर राहुल गांधी को धन्यवाद दिया।
अंबेडकर चौराहा स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण से पहले कांग्रेस नेता प्रशांत वाल्मीकि के नेतृत्व में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने राहुल गांधी को ज्ञापन सौंपा। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने राहुल गांधी को बताया कि पिछले कई दिनों से लगातार हड़ताल करने के बावजूद उनकी मांगों को नहीं सुना जा रहा है।
इसके बाद राहुल गांधी अंबेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण करके वापस अपनी गाड़ी में आ गए और माइक हाथ में थाम लिया। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को संबोधित करते हुए कहा कि तुम्हें पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने नौकरी दी और पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने मानदेय बढ़ाया।
अब आपकी आवाज नरेन्द्र मोदी सरकार को सुनाई नहीं दे रही हैं तो कोई नहीं। मैं आपकी आवाज को संसद में पुरजोर तरीके से उठाऊंगा। आंगनबाड़ी संघ की प्रदेश अध्यक्ष सावित्री चौधरी ने उनका आभार जताया है।
खून से खत लिखने वाली तान्या का दर्द सुना
मुख्यमंत्री को खून से खत लिखकर चर्चा में आईं लतिका और तान्या का दर्द भी राहुल गांधी ने सुना। राहुल गांधी के रोड शो के दौरान डिप्टी गंज चौराहे पर तान्या और उसका नाना सड़क के बीचोंबीच खड़े हो गए। तान्या को रोता देख राहुल गांधी ने उसे पास बुलाया और उसकी बात सुनी।
इसके बाद राहुल ने तान्या और उसके मामा तरुण को अपनी गाड़ी में बैठा लिया। राहुल ने तान्या और उसके मामा को हरसंभव मदद और उन्हें न्याय दिलाने का आश्वासन दिया। राहुल ने तान्या और उसके मामा का फोन नंबर भी नोट किया।
बता दें कि आरोप है कि तान्या की मां को उसके पिता ने बेटा नहीं होने पर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस जांच में हत्या का मामला सामने नहीं आया था। पुलिस की जांच में पति पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला सामने आया था। इस पर तान्या और उसकी बहन लतिका ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को खून से खत लिखकर भेजा था।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ बुलाकर तान्या और उसके परिजनों का दर्द सुना था। मुख्यमंत्री ने लतिका और तान्या को 5-5 लाख रुपये आर्थिक मदद तथा एक आवास देने की घोषणा की थी। मुख्यमंत्री के निर्देश पर तत्कालीन कोतवाल और विवेचक को निलंबित कर मामले की जांच दोबारा करने के निर्देश दिए गए थे।