जहांगीराबाद। मोहर्रम की यादों और गमगीन माहौल के बीच कोतवाली क्षेत्र के गांव सांखनी में अजादारों ने अमारी का जुलूस निकाला। यह जुलूस हजरत इमाम हुसैन के उस लूटे हुए काफिले की याद में निकाला गया, जो कैद से आजाद होकर अपने वतन लौटा था। जुलूस इमामबाड़ा से शुरू होकर बाजार होता हुआ कर्बला मैदान पहुंचा। यहां आजादारों ने खाना-ए-काबा और मदीना मुनव्वरा का मंजर सजाया और तमाम रस्में अदा कीं। इस दौरान काफी संख्या में अजादार, महिलाएं और बच्चे शामिल हुए। महिलाएं नौहाख्वानी और मातम करती नजर आईं। शिकारपुर की अंजुमन ने तालिब नकवी के नेतृत्व में मातम किया। वहीं गांव की अंजुमन हैदरी ने भी मातमी जुलूस में शिरकत की। जुलूस में अलम-ए-सद्दे, ऊंट और जियारते साथ चल रहे थे। कर्बला मैदान में पहुंचकर अजादारों ने रंजोगम में मातम किया।
मास्टर गजनफर अली ने बताया कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोतवाली प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों ने शरारती तत्वों पर पैनी नजर बनाए रखी और जुलूस सकुशल सम्पन्न कराया। संवाद