जिला चिकित्सालय के दवा काउंटर पर खड़े लोग। संवाद
बुलंदशहर। मौसम में बदलाव और गर्मी बढ़ने से पेटदर्द, उल्टी-दस्त की समस्या बढ़ने लगी है। जिला चिकित्सालय समेत अन्य सरकारी एवं निजी अस्पतालों में प्रतिदिन पेटदर्द, उल्टी-दस्त के 300 से अधिक मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। चिकित्सक ने मरीजों से दिनचर्या व खानपान में सुधार के साथ अधिक पानी पीने की सलाह दी। वहीं, सीएमओ ने सभी सरकारी चिकित्सालयों में अभी से ओआरएस के घोल रखने के निर्देश दिए है।
अप्रैल माह की शुरुआत से गर्मी का मौसम बना हुआ है। गर्मी बढ़ने से इन दिनों पेट दर्द, उल्टी-दस्त, सिरदर्द आदि की समस्या बन रही है। साथ ही पानी की कमी से डिहाइड्रेशन की समस्या भी बननी शुरू हो गई है। ऐसे मरीज जिला चिकित्सालय समेत अन्य सरकारी चिकित्सालय व निजी अस्पतालों की ओपीडी एवं इमरजेंसी में पहुंचने लगे हैं। ऐसे मरीजों को प्राथमिक उपचार कर घर भेज दिया जाता है। हालत गंभीर होने पर मरीज को भर्ती कर इलाज दिया जा रहा है।
चिकित्सक इन मरीजों को दवा के साथ गर्मी से बचाव व खूब पानी पीने की सलाह भी दे रहे हैं। जिला चिकित्सालय की ओपीडी में बुधवार को पेट दर्द व उल्टी-दस्त के करीब 120 मरीज पहुंचे। जिला चिकित्सालय के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. परवेंद्र सिंह ने बताया कि गर्मी और धूप में पसीना अधिक आने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। जिससे चक्कर, उल्टी, त्वचा में रुखापन व पेशाब देर से आने जैसी समस्या हो सकती है। अभी मौसम और बदलेगा। ऐसे में खुद को फिट रखे के लिए संतुलित खानपान ले और प्रतिदिन व्यायाम करें।
धूप व अधिक गर्मी में सेहत का ख्याल रखना जरूरी है। बीमारी से बचने के लिए पानी का अधिक सेवन करें। सभी सरकारी चिकित्सालयों में ओआरएस का घोल रखने के निर्देश दिए है। - डॉ. सुनील कुमार दोहरे, सीएमओ