- गांव करीरा निवासी पीड़ित परिजनों ने हंगामा कर की कार्रवाई की मांग
- गांव निवासी दो युवकों के साथ प्रिंटिंग प्रेस में नौकरी के लिए गया था दिल्ली
- छह सितंबर के बाद से परिजनों का नहीं हुआ था संपर्क, गुमशुदगी देने पर हुई मौत की जानकारी
संवाद न्यूज़ एजेंसी
शिकारपुर। गांव करीरा से दिल्ली की प्रिंटिंग प्रेस में नौकरी के लिए गए युवक की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। पीड़ित परिजनों ने आरोप लगाया कि युवक की हत्या की गई है। मंगलवार शाम को परिजनों ने कोतवाली में शव रखकर हंगामा करते हुए धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान परिजनों ने मांग की कि आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
गांव निवासी रामबाबू ने बताया कि उनका 22 वर्षीय बेटा पुष्पेंद्र 21 अगस्त को गांव के ही दो युवकों के साथ दिल्ली की एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करने के लिए गया था। गांव निवासी दोनों युवकों ने ही उसे काम दिलाने की बात कही थी। जिसके बाद वह दिल्ली गया और प्रतिदिन उनसे बात होती थी। आरोप है कि छह सितंबर को अंतिम बार उनकी बात हुई थी, लेकिन इसके बाद उनका पुष्पेंद्र से कोई संपर्क नहीं हुआ। जिसके चलते सात सितंबर को वह दिल्ली पहुंचे और पुष्पेंद्र की तलाश की। रिश्तेदारी, मित्र समेत अन्य स्थानों पर पुष्पेंद्र को तलाश किया, लेकिन उसका कोई सुराग हाथ नहीं लगा। जिसके चलते वह सोमवार को दिल्ली के छतरपुर थाने में पुष्पेंद्र की गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए पहुंचे। इस दौरान थाना पुलिस ने जब पुष्पेंद्र का हुलिया पूछा तो परिजनों के बताने के मुताबिक पुलिस ने कई दिन पहले एक शव बरामद होने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस के साथ परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे और वहां एक शव की शिनाख्त पुष्पेंद्र के तौर पर की। परिजनों को पुलिस ने बताया कि उन्हें पुष्पेंद्र का शव सात सितंबर को मिला था, लेकिन शिनाख्त न होने के चलते शव को पोस्टमार्टम हाउस पर रखा गया था। इसके बाद मंगलवार को पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर वापस लौटे और कोतवाली में शव रखकर परिजनों ने हंगामा किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुष्पेंद्र की हत्या कर शव फेंका गया है। ऐसे में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। करीब एक घंटे तक हंगामा के बाद सीओ ने परिजनों को समझाया कि पूरी वारदात दिल्ली में हुई है, ऐसे में यहां कार्रवाई की जानी संभव नहीं है। जिसके बाद परिजन शव लेकर गांव चले गए।
परिजनों का आरोप, साथियों ने नहीं दी मौत की जानकारी
पुष्पेंद्र के पिता रामबाबू ने बताया कि गांव के जिन युवकों के साथ पुष्पेंद्र गया था, उन्होंने पुष्पेंद्र की मौत की जानकारी क्यों नहीं दी। यदि उन्हें भी पुष्पेंद्र की मौत की जानकारी नहीं थी तो फोन कर परिजनों को क्यों नहीं बताया कि पुष्पेंद्र लापता है। ऐसे में परिजनों ने दोनों युवकों पर ही हत्या कर शव फेंकने का आरोप लगाया है।
कोट -
मामला दिल्ली का है इसलिए घटना की रिपोर्ट भी वहीं दर्ज होगी। मामले में कार्रवाई के लिए कोतवाली पुलिस मृतक के परिजनों का पूरा सहयोग करेगी। समझाने पर परिजन शव लेकर गांव चले गए। विकास प्रताप सिंह चौहान, सीओ