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Bulandshahr: सराफ से लूट के बाद नेपाल और गोवा में उड़ाई मौज, फिर अलीगढ़ में की वारदात, पुलिस मुठभेड़ में ढेर

Tue, 03 Jan 2023 11:21 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला संवाद, बुलंदशहर

सार

आशीष और अब्दुल तीन नवंबर को सराफ की दुकान में लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद नेपाल भाग गए थे। वहां कुछ दिन बिताने के बाद गोवा, दिल्ली और अन्य स्थानों पर गए। इसके बाद में फिर से अपराध करने लगे।
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इसी जगह पर हुई मुठभेड़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बुलंदशहर में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए बदमाश आशीष और अब्दुल तीन नवंबर को सराफ की दुकान में लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद नेपाल भाग गए थे। वहां कुछ दिन बिताने के बाद गोवा, दिल्ली और अन्य स्थानों पर गए। इसके बाद में फिर से अपराध करने लगे। अलीगढ़ जनपद समेत विभिन्न थाना क्षेत्रों में आरोपियों ने वारदात को अंजाम दिया। आशीष पर 13 और अब्दुल पर पांच मुकदमे अभी तक पुलिस की जांच में सामने आए हैं।

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पुलिस की जांच में सामने आया है कि दोनों चार नवंबर को ही नेपाल भाग गए थे। वहां करीब 20 दिन तक रहे। उस दौरान पुलिस को इनका सुराग नहीं लग रहा था। बाद में दोनों आरोपी गोवा, दिल्ली समेत विभिन्न राज्यों में गए। दोनों ने लूट की रकम का कुछ हिस्सा ऐशो आराम में उड़ा दिया। 

बाद में आरोपियों ने फिर से लूट की वारदातों को अंजाम देना शुरू किया। दोनों ने अलीगढ़ जनपद में एक के बाद एक तीन वारदातें की। दो वारदातें अलीगढ़ के विभिन्न थानों में दर्ज हुईं। एनकाउंटर से 24 घंटे पहले भी बुलंदशहर के जहांगीरपुर थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति से हथियारों के बल पर बाइक लूट ली थी। घटना में इन दोनों के साथ एक अन्य आरोपी भी साथ में था। 

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दोनों नहीं चलाते थे फोन

आशीष और अब्दुल शातिर किस्म के अपराधी थे। सराफ के यहां लूट के दौरान सीसीटीवी में दोनों कैद हो गए थे। इसके बाद ही पुलिस ने इनकी शिनाख्त की थी। इनकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई थी। दोनों मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करते थे। बताया गया कि दोनों आरोपी किसी से संपर्क करने के लिए राह चलते लोगों से फोन मांग कर इस्तेमाल करते थे। इस कारण इन्हें पकड़ना मुश्किल हो रहा था।

 

पुलिस अधिकारी पोस्टमार्टम हाउस पर रहे मौजूद
सुबह पोस्टमार्टम हाउस पर आशीष और अब्दुल के परिजन पहुंच गए थे। उनके साथ ग्रामीण भी थे। इस दौरान किसी तरह की अनहोनी रोकने के लिए एसएसपी श्लोक कुमार, एसपी सिटी सुरेंद्र नाथ तिवारी, एसपी देहात बजरंग बली चौरसिया, एएसपी अनुकृति शर्मा समेत विभिन्न थानों की फोर्स भी वहां मौजूद रही।

2019 में आशीष पर दर्ज हुआ पहला मुकदमा
आशीष के खिलाफ पहला मुकदमा वर्ष 2019 में सूरजपुर थाने में दर्ज हुआ था। उसने गौतमबुद्धनगर के सूरजपुर थाना क्षेत्र में एक लूट की वारदात को अंजाम दिया था। इसके बाद वर्ष 2020 में उस पर गौतमबुद्धनगर के ही थाना बीटा टू में एक, थाना रबुपुरा में तीन, थाना कासना में चार, खुर्जा देहात थाने में दो, बुलंदशहर नगर कोतवाली में एक और अलीगढ़ के चंडौस थाने में भी एक मुकदमा पंजीकृत हुआ था। पुलिस अन्य थानों में भी उसका रिकॉर्ड खंगाल रही है।

नाबालिग अवस्था में दर्ज हुआ था अब्दुल पर पहला मुकदमा
अब्दुल पर पहला मुकदमा वर्ष 2011 में पहासू थाना क्षेत्र में जानलेवा हमले का दर्ज हुआ था। तब वह नाबालिग था। इसके बाद उस पर दूसरा मुकदमा वर्ष 2021 में दस साल बाद पहासू थाने में ही धोखाधाड़ी समेत विभिन्न धाराओं में दर्ज हुआ। वर्ष 2021 में पहासू पुलिस ने उस पर शस्त्र अधिनियम के तहत एक अन्य मामला दर्ज किया था। वर्ष 2022 में अलीगढ़ के जवां थाने में लूट और नगर कोतवाली में सराफ से लूट और गोली मारने का मामला दर्ज हुआ था।साढ़े तीन किलो चांदी लूटकर दो सराफ व्यापारियों को बेचा था दोनों बदमाशों ने धमैड़ा अड्डा स्थित उटरावली निवासी सराफा व्यापारी राहुल को गोली मारकर दुकान से लगभग साढ़े तीन किलो चांदी लूटी थी। गोली लगने से घायल हुए व्यापारी राहुल अब स्वस्थ हैं। पुलिस ने मामले दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया था। लूट का माल खरीदने पर दो सराफा व्यापारियों को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा था, जिनसे लूट की लगभग ढाई किलो चांदी बरामद हुई थी।

बुलेटप्रूफ ने बचाई इनकी जान
मुठभेड़ के दौरान नगर कोतवाल संजीव शर्मा, इंस्पेक्टर अजय कुमार शर्मा की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी थी। वह बाल-बाल बचे। पहासू में हुई मुठभेड़ में थाना प्रभारी पहासू मुनेंद्र पाल सिंह, उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार और कांस्टेबल आरिफ की बुलेटप्रूफ जैकेट में गोली लगी है।

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