जनपद में इंदिरा आवासों के लिए सरकारी मशीनरी को गरीब नहीं मिल रहे हैं। वित्त वर्ष 2015-16 में केंद्र सरकार से जनपद को 2605 आवासों का लक्ष्य मिला है।
इसके सापेक्ष मशीनरी को जिले में महज 102 परिवार ही पात्र मिले हैं। कांशीराम आवास के लिए भले ही गरीब परिवारों ने 40 हजार से अधिक आवेदन तहसील और कलक्ट्रेट में जमा कराए हों।
लेकिन सरकारी मशीनरी को इंदिरा आवास के लिए गरीब परिवार नहीं मिल रहे हैं। 2605 इंदिरा आवासों के लिए मात्र 102 गरीब परिवार पात्र मिले हैं।
बता दें कि ग्राम्य विकास विभाग ने हाल ही में बीपीएल परिवारों का सर्वे कराया था। सर्वे में पता चला था कि करीब 10 हजार बीपीएल परिवारों का विभाजन हो चुका है।
मतलब बीपीएल परिवार के मुखिया की संतान अलग रहने लगी हैं। इन 10 हजार परिवारों को बीपीएल सूची में तो शामिल नहीं करना था लेकिन इनको वे सभी सुविधाएं मुहैया कराई जानी थी जो बीपीएल परिवार को मिलती हैं।
इन परिवारों को सस्ते राशन के अलावा एक छोटा मकान भी दिया जाना प्रस्तावित था। ऐसे में विभाग का यह कहना कि पात्र परिवार नहीं मिल रहे हैं, गड़बड़ी की ओर इशारा कर रहा है।
गौरतलब है कि इन आवासों के आवंटन में गड़बड़ी का मामला सांसद डॉक्टर भोला सिंह संसद में उठा चुके हैं।
2605 इंदिरा आवासों के सापेक्ष मात्र 102 गरीब परिवार ही पात्र मिले हैं। आवंटन की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। पात्र परिवारों की तलाश की जा रही है।
- मुरारी लाल, पीडी डीआरडीए