खुर्जा नगर पालिका में गृहकर-जलकर की वसूली और संपत्ति दस्तावेजों में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। ईओ ने संपत्ति लिपिक संजय को पद से हटाकर पांच सदस्यीय जांच टीम गठित की है। टीम को सात दिन में रिपोर्ट देनी है।
बुलंदशहर जिले के खुर्जा नगर पालिका के संपत्ति लिपिक पर गृहकर के गबन करने का मामला सामने आया। इसको लेकर ईओ ने पांच सदस्य टीम का गठन कर जांच शुरू कर दी। साथ ही लिपिक के पद से हटाकर उससे जवाब तलब किया।
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नगर पालिका के ईओ मोहम्मद अनवर हुसैन ने बताया कि दस सितंबर को उन्होंने संपत्ति विभाग का औचक निरीक्षण किया। इसमें परिचालक और संपत्ति लिपिक संजय की फार्म-पांच की बुक संख्या 150 रसीदों को देखा गया, जो 26 फरवरी 2026 को जमा की गई थी। जांच में सामने आया कि रसीद संख्या 15 में अस्पताल रोड पर किरायेदार यशपाल सिंह की दुकान का इस साल गृहकर - जलकर नौ हजार रुपये वसूली किया जान पाया गया।
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लेकिन, 2024-25 के बकाया कॉलम में केवल 4500 रुपये शेष थे और वित्तीय वर्ष 2025-26 के कॉलम में 4500 रुपये डिमांड थी। इसमें कुल मिलाकर यशपाल पर कुल नौ हजार रुपये की डिमांड थी। जबकि पृष्ठ संख्या 36 पर वित्तीय वर्ष 2024-25 में यशपाल पर 13500 रुपये बकाया थ। इसमें लिपिक संजय की ओर से जानबूझकर एक साल पहले बकाया को 13500 रुपये से 4500 रुपये किया गया।
ईओ ने बताया कि इससे स्पष्ट हो गया कि संजय के इस कृत्य से खुर्जा नगर पालिका को वित्तीय हानि होती है और यह गबन की श्रेणी में आता है। इसके अलावा जांच में सामने आया कि तरीनान मोहल्ला के भवन संख्या 81 के दाखिल खारिज का आवेदन ई-नगर सेवा पोर्टल पर किया गया। इस प्रकरण में अधूरे दस्तावेज होने के बावजूद बिना नियम प्रक्रिया अपनाते हुए संजय ने अवैध तरीके से गृहकर-जलकर दस्तावेज में नाम बदल दिया, जिसकी जांच की जा रही है।
ईओ ने बताया कि जांच में सामने आया कि संजय की ओर से गृहकर-जलकर के संपत्ति दस्तावेजों में गड़बड़ी पाई गई और नियम प्रक्रिया को ताक पर रखकर दस्तावेजों में नाम बदला गया। संजय की ओर से तैयार की ओर से दस्तावेजों की जांच के लिए पांच सदस्य टीम का गठन किया गया। इसमें कर निर्धारण अधिकारी अनिल कुमार सिंह, सफाई एवं खाद्य निरीक्षक दीपिका, जलकल जेई मिथुन गुप्ता, सिविल जेई पारुल दीक्षित और राजस्व निरीक्षक अरुण कुमार को शामिल किया गया। टीम को सात दिन के अंदर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके बाद आगे की विभागीय कार्रवाई होगी। फिलहाल संजय को संपत्ति विभाग के लिपिक पद से हटा दिया गया है।