तीन अपंजीकृत पैथोलॉजी लैब सील, तीन को थमाया नोटिस
बुलंदशहर। वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ने के साथ निजी अस्पताल संचालकों द्वारा पैथोलॉजी लैब संचालकों से सांठगांठ कर डेंगू और मलेरिया की पुष्टि की जा रही है। गलत रिपोर्ट दिए जाने की स्वास्थ्य विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही हैं। बुधवार को एसीएमओ द्वारा खुर्जा क्षेत्र में पैथोलॉजी लैब का निरीक्षण किया गया। इस दौरान तीन अंपजीकृत पैथोलॉजी लैब को सील तो तीन को नोटिस थमाया गया है।
जिले में करीब 600 अस्पताल, पैथोलॉजी लैब, नर्सिंग होम आदि पंजीकृत हैं। जबकि गली-गली मोहल्लों में क्लीनिक, अस्पताल, पैथोलॉजी लैब आदि बिना पंजीकरण के खुले हुए हैं। बिना पंजीकरण पैथोलॉजी लैब द्वारा गलत रिपोर्ट दी जा रही है तो वहीं, झोलाछाप के उपचार से अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। पैथोलॉजी लैब से गलत रिपोर्ट न मिले इसके लिए झोलाछाप डॉक्टर पर कार्रवाई के लिए विभाग द्वारा पिछले एक सप्ताह से अभियान चलाया जा रहा है।
एसीएमओ एवं नोडल अधिकारी डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि खुर्जा क्षेत्र के गांव मुंडाखेड़ा में पैथोलॉजी लैब और क्लीनिक का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान लैब और क्लीनिक खुले मिलने पर संबंधित से पंजीकरण संबंधी दस्तावेज मांगे गए। जिन्हें न दिखाए जाने पर तीन पैथोलॉजी लैब को सील करने की कार्रवाई की गई तो दो क्लीनिक व एक पैथोलॉजी लैब को नोटिस जारी किया गया है।
इन पर की गई कार्रवाई
मुंडाखेड़ा गांव में प्रशांत पैथोलॉजी लैब, जेपी लैब व दिलदार पैथोलॉजी लैब को सील करने की कार्रवाई की गई। साथ ही समीर पैथोलॉजी लैब, शिफा क्लीनिक और हमी डेंटल क्लीनिक को नोटिस जारी किया गया है। जिन्हें पंजीकरण संबंधी दस्तावेज दिखाने का समय दिया गया है। समय से दस्तावेज न दिखाने पर संबंधित पर भी सीलिंग की कार्रवाई की जाएगी।