फर्जी दस्तावेजों के सहारे नौकरी पाने वाले 30 शिक्षकों पर लटकी तलवार, अब होगी कार्रवाई
बुलंदशहर। डॉ. भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी से वर्ष 2004-05 में फर्जी बीएड की डिग्री प्राप्त करने वाले परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों पर कार्रवाई के बाद अब संपूर्णानंद विवि बनारस से बीएड की डिग्री लेने वाले 30 शिक्षकों पर कार्रवाई की तैयारी तेज हो गई है। जनपद में 30 ऐसे लोग सामने आए हैं, जिन्होंने संपूर्णानंद विवि बनारस से बीएड किया हुआ है। विभाग इन डिग्रियों को फर्जी मानते हुए इनकी सूची शासन को भेज दी है। शासन से निर्देश मिलने के बाद इन सभी के खिलाफ अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी दस्तावेज से बेसिक शिक्षा विभाग में नौकरी करने के मामले के खुलासे के बाद इसकी जांच प्रदेश स्तर से बनाई गई एसआईटी कर रही है। हाल ही में डॉ. भीमराव अंबेडकर विवि आगरा से बीएड की फर्जी डिग्री लेने वाले 19 शिक्षकों को बर्खास्त कर बीएसए ने उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। अब एक और नया मामला सामने आया है जिसमें संपूर्णानंद विवि बनारस की भी बीएड की डिग्री को फर्जी माना गया है। इस विश्वविद्यालय से भी बीएड करने वाले शिक्षकों की शिकायत भी शासन में हुई थी और एसआईटी इस प्रकरण में भी जांच कर रही है। जनपद से 30 शिक्षकों का डाटा शासन को भेजा गया है, जिन्होंने संपूर्णानंद विश्वविद्यालय बनारस से बीएड किया हुआ है। विभाग के अनुसार जनपद से तीन बार इन शिक्षकों का रिकॉर्ड एसआईटी को भेजा जा चुका है। आगरा विवि की तरह इन शिक्षकों ने भी फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों पर बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में नौकरी प्राप्त की है।
संपूर्णानंद विवि के शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों की जांच एसआईटी से चल रही है। वहां से विभाग के पास सूची आएगी और फिर इसके आधार पर कार्रवाई होगी। इन शिक्षकों पर भी फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों के सहारे नौकरी करने के आरोप हैं।
- अखंड प्रताप सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी।