नरौरा। बेटी के साथ स्नान करने के लिए आई महिला ने अचानक नहर में छलांग लगा दी। बहाव तेज होने के कारण महिला बहते हुए छह किलोमीटर दूर चली गई। एक ग्रामीण ने उन्हें बहते हुए देखकर शोर मचाया। इसपर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने महिला को बचाने के लिए नहर में छलांग लगा दी। महिला को सकुशल बचाकर उनकी बेटी के सौंप दिया।
गांव नगला मोहन थाना बलदेव जनपद मथुरा निवासी मंजू देवी (55) अपनी शादीशुदा बेटी रमा के साथ गुरु पूर्णिमा पर नरौरा के गांधी घाट पर गंगा स्नान करने आई थीं। बुधवार को सुबह करीब छह बजे पहले मंजू देवी ने स्नान किया बाद में रमा स्नान करने लगीं। इसी दौरान मंजू देवी घाट से चली गई। करीब दो सौ मीटर दूर आबादी क्षेत्र से अलग पहुंचकर मंजू देवी ने एलजीसी नहर (हजारा नहर) में छलांग लगा दी।
नहर में वर्तमान में करीब 12 फुट पानी चल रहा है। पानी के तेज बहाव में बहते हुए वह नरौरा क्षेत्र की सीमा पारकर रामघाट थाना क्षेत्र के गांव गोकुलपुर तक करीब छह किलोमीटर पानी में बहते हुए पहुंच गई। बताया गया कि गोकुलपुर के पास ग्रामीण अतर सिंह ने महिला को देखा तो शोर मचा दिया जिसपर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। इकठ्ठा हुए ग्रामीणों ने उन्हें बाहर निकाला।
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिला मंजू देवी से पूछताछ के बाद उनकी बेटी रमा को बुलाया गया। थाना रामघाट प्रभारी ने बताया कि रमा ने बताया कि उनके पिता ने करीब 20 वर्ष पूर्व उनकी मां को तलाक दे दिया था। इसके बाद वह अलग रह रही हैं। इसी तनाव में उन्होंने यह कदम उठाया हैं। पुलिस ने मंजू की काउंसलिंग करने के बाद उन्हें बेटी को सुपुर्द कर दिया।
नरौरा बैराज से निकलती है एलजीसी कैनाल
नरौरा। एलजीसी कैनाल नरौरा बैराज से निकलती है। कैनाल में दौरा और रामघाट के मध्य परमाणु केंद्र की चारदीवारी के निकट मगरमच्छ रहते हैं। आस-पास के क्षेत्र से रेस्क्यू किए हुए मगरमच्छ भी नहर में ही छोड़े जाते हैं। हालांकि इन मगरमच्छों ने कभी किसी इंसान पर हमला नहीं किया है।