बुलंदशहर। नगर निवासी एक महिला को जालसाजों ने ऐसी जमीन का बैनामा कर दिया, जिसे मुख्य आरोपी पहले ही किसी अन्य व्यक्ति के नाम इकरारनामा और बैनामा कर चुका था। आरोपियों ने महिला से जमीन बेचने के नाम पर करीब 20 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। मामले में पुलिस द्वारा सुनवाई न होने पर पीड़िता ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश के बाद नगर कोतवाली पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
नगर के रामा एन्क्लेव निवासी अनुराधा ने बीते दिनों न्यायालय में याचिका देकर बताया कि आरोपियों ने खुर्जा तहसील के गांव क्यौली स्थित जमीन दिखाई थी। मुख्य आरोपी राजू उर्फ राजू सिंह ने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर पीड़िता को विश्वास दिलाया कि वह जमीन का असली मालिक है।
जमीन का सौदा 19 लाख 70 हजार रुपये में तय हुआ। पीड़िता ने भरोसा करते हुए बुलंदशहर स्थित अपने आवास पर 1 लाख 70 हजार रुपये बयाने के तौर पर दिए और बाकी रकम किस्तों व चेक के माध्यम से चुका दी। आरोपियों ने चालाकी से जून 2023 में इकरारनामा और जनवरी 2024 में उप-निबंधक कार्यालय खुर्जा में पीड़िता के पक्ष में बैनामा भी पंजीकृत करा दिया।
तहसील स्तर पर शुरुआती जांच के बाद तहसीलदार खुर्जा ने जमीन का दाखिल-खारिज भी पीड़िता के नाम कर दिया। लेकिन, असली खेल तब खुला जब पीड़िता को पता चला कि मुख्य आरोपी राजू उर्फ राजू सिंह इसी जमीन को साल 2011, 2012, 2013 और 2014 में अलग-अलग इकरारनामों के जरिए जसराज सिंह नामक व्यक्ति को पहले ही हस्तांतरित कर चुका था।
धोखाधड़ी का पता चलने पर जब पीड़िता ने आरोपियों से अपनी रकम वापस मांगी, तो कई बार पंचायतें हुईं। आरोपियों ने पैसे लौटाने का वादा किया, लेकिन बाद में साफ मुकर गए। पीड़िता ने बताया कि उन्होंने एसएसपी कार्यालय और थाने के चक्कर काटे, लेकिन जब कोई समाधान नहीं निकला तो उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। अब कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने राजू उर्फ राजू सिंह, रविन्द्र सिंह आर्य, योगेश, आदेश शर्मा, सुनील शर्मा और संतवीर भाटी के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और षड्यंत्र रचने की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। सीओ सिटी प्रखर पांडेय का कहना है कि मामले के सभी दस्तावेजों की गहनता से जांच की जा रही है और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।