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Bulandshahar News: यूरिया की कालाबाजारी में शामिल पीसीएफ के जिला प्रबंधक समेत आठ पर रिपोर्ट दर्ज

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पीसीएफ के गोदाम में यूरिया के स्टॉक की जांच करते अ​धिकारी। स्रोत: विभाग
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बुलंदशहर। यूरिया की कालाबाजारी का खुलासा होने पर पीसीएफ के चार गोदाम सील कर दिए। एआर को-ऑपरेटिव ने चार अधिकारियों व कर्मचारियों के निलंबन की संस्तुति कर दी है। अनूपशहर थाने में पीसीएफ के जिला प्रबंधक समेत आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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जिला कृषि अधिकारी रामकुमार ने विभागीय टीम और पुलिस के साथ मिलकर रविवार अनूपशहर में गंगा पुल से तीन ट्रकों में कालाबाजारी के लिए संभल व रामपुर ले जाया जा रहा 1575 कट्टा यूरिया पकड़ा था। सरकारी यूरिया को पीसीएफ के गोदाम से लोड किया गया था। साथ में जा रहे तस्करों को पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद से गिरफ्तार किया था। इसमें पीसीएफ के जिला प्रबंधक व कर्मचारियों समेत आठ लोग शामिल पाए गए।
जिला कृषि अधिकारी ने अनूपशहर थाने में तहरीर देकर पीसीएफ के जिला प्रबंधक दिव्यांशु वर्मा, भंडार नायक राघवेंद्र और कर्मचारी हरेंद्रपाल सिंह व यश राघव के अलावा तस्कर मो. हारून, ट्रक चालक असलम, शेर अली और सौपाल सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है। यह रिपोर्ट डीएम कुमार हर्ष के निर्देश पर कराई है। उन्होंने बताया कि यूरिया बेचने के लिए पीसीएफ के अधिकारियों ने क्यूआर कोड के माध्यम से तस्कर से रिश्वत ली थी।
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वहीं, कालाबाजारी का खुलासा होने पर एआर को-आपरेटिव अमित कुमार त्यागी ने इसकी पूरी रिपोर्ट आयुक्त व निबंधक लखनऊ को पत्र के माध्यम से भेज दी है। उन्होंने बताया कि पीसीएफ के चार गोदामों को सील करते हुए भंडारण की जांच शुरू करा दी है। नई मंडी चौकी स्थित पीसीएफ गोदाम को रात में ही सील कर दिया था।


ये चार गोदाम हुए सील
एआर को-ऑपरेटिव अमित कुमार त्यागी ने बताया कि सोमवार को उन्होंने पीसीएफ के गोदामों का निरीक्षण कर सील करने की कार्रवाई की। जांच के पहले चरण में पीसीएफ के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत उजागर हो रही है। उन्होंने बताया की नई मंडी, ज्वार खेड़ा, सिकंदराबाद और गुलावठी स्थित पीसीएफ के चार गोदामों को सील कर दिया है। गोदाम में मौजूद स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया जाएगा और सभी दस्तावेजों को कब्जे में ले लिया है। कितना यूरिया किसानों को दिया गया और कितना स्टॉक है इससे संबंधित दस्तावेजों की जांच चल रही है।


कालाबाजारी का बड़ा खेल, कई अधिकारी व कर्मचारी रडार पर

कालाबाजारी के लिए ले जाए जा रहे यूरिया की कीमत पांच लाख रुपये से अधिक है। बताया जा रहा है कि जिले में यूरिया की कालाबाजारी का बड़ा नेटवर्क है। यूरिया गोदाम से एक पर्ची काटकर बाहर निकाला गया और ट्रक चालकों से बिल भी नहीं मिले। वहीं, इस कालाबाजारी के खेल में कई अधिकारी व कर्मचारी भी रडार पर आ गए हैं। विभागीय अधिकारियों का दावा है कि इन अधिकारियों व कर्मचारियों के जल्द नाम उजागर किए जाएंगे।
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ट्रक मालिकों पर भी रिपोर्ट दर्ज
जिला कृषि अधिकारी रामकुमार यादव ने बताया कि डीएम कुमार हर्ष ने यूरिया की कालाबाजारी में शामिल ट्रक मालिकों को भी बराबर का दोषी माना है। डीएम के निर्देश पर तीनों ट्रक मालिकों के खिलाफ भी थाना अनूपशहर में रिपोर्ट दर्ज करा दी है।
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कोट

यूरिया की कालाबाजारी का मामला गंभीर है। चार गोदाम सील करा दिए हैं। साथ ही पीसीएफ के जिला प्रबंधक समेत चारों अधिकारियों व कर्मचारियों के निलंबन की संस्तुति कर आयुक्त एवं निबंधक लखनऊ को भेज दी है। जल्द ही कार्रवाई होगी। पूरे मामले की जांच जारी है। - अमित कुमार त्यागी, एआर को-ऑपरेटिव बुलंदशहर।


कोट
पीसीएफ के जिला प्रबंधक समेत आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी है। सरकारी यूरिया की कालाबाजारी पिछले काफी समय से चल रही थी। एआर को-ऑपरेटिव को पूरे प्रकरण से अवगत करा दिया है। जांच में विभाग पूरा सहयोग करेगा। - रामकुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी

पीसीएफ के गोदाम में यूरिया के स्टॉक की जांच करते अधिकारी। स्रोत: विभाग

पीसीएफ के गोदाम में यूरिया के स्टॉक की जांच करते अधिकारी। स्रोत: विभाग

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