बुलंदशहर। कैंसर को लेकर सुर्खियों में आए धनौरा गांव के पानी का सच जलनिगम की जांच में सामने आ गया है। प्रयोगशाला में कराई गई जांच में पानी में आयरन, फ्लोराइड की खासी अधिवक्ता मिली है। दूसरी तरफ सिकंद्राबाद के इंटर कॉलेज के पानी में आर्सेनिक की पुष्टि होने से हड़कंप मच गया है। जल निगम अधिकारियों ने सैंपलिंग कर दोबारा जांच कराने की बात कही है।
धनौरा में कैंसर फैलने से मचे हड़कंप पर 12 घरेलू हैंडपंपों के सैंपल लिए गए थे। दस नमूनों की जांच बुलंदशहर में की गई जबकि दो नमूने लखनऊ प्रयोगशाला भेजे गए। बुलंदशहर लैब की जांच में सभी दस नमूनों में आयरन की मात्रा अधिक पाई गई है। धनौरा गांव के दीपचंद्र के यहां से उठाए गए सैंपल में फ्लोराइड अधिक होने की पुष्टि हुई है। विभागीय अफसरों की मानें तो इन तत्वों से घनौरा में कैंसर तो नहीं फैला होगा लेकिन अन्य गंभीर बीमारियां जरूर हो सकती हैं। बता दें कि धनौरा में कैंसर से 36 लोगों की मौतों की सूचना स्वास्थ्य विभाग तक पहुंची है।
कहां क्या मिला?
पानी में आयरन की मौजूदगी . 30 मिग्रा प्रतिलीटर तक, हार्डनेस 600 मिग्रा प्रतिलीटर तक होना चाहिए। जबकि धनौरा में सोहनलाल के यहां के सैंपल में आयरन 1.02 मिग्रा प्रतिलीटर, मेघराज के यहां आयरन .57 मिग्रा प्रतिलीटर, हार्डनेस 620 मिग्रा प्रतिलीटर, रामभूल के यहां आयरन .47 मिग्रा प्रतिलीटर, जयप्रकाश हलवाई के यहां .48 मिग्रा प्रतिलीटर, हार्डनेस 940 मिग्रा प्रतिलीटर, शादिया के यहां आयरन .51 मिग्रा प्रति लीटर, हार्डनेस 680 मिग्रा प्रतिलीटर, गायत्री के यहां आयरन .51 मिग्रा प्रतिलीटर, राजेंद्र के यहां आयरन .45 मिग्रा प्रतिलीटर, राजेंद्र के घर .71 मिग्रा प्रतिलीटर, हार्डनेस 600 मिग्रा प्रतिलीटर, जितेंद्र और रामलाल के यहां आयरन .49 मिग्रा प्रतिलीटर है। कृष्णकुमार केयहां आयरन .53 मिग्राप्रतिलीटर मिला। लखनऊ से कराई जांच में दीपचंद शर्मा के यहां 1.5 मिग्रा प्रतिलीटर के सापेक्ष 1.53 मिग्रा प्रतिलीटर मिला।
कोट्स
आयरन से लिवर-किडनी में सक्रमण होता है। फ्लोराइड की वजह से हड्डियां कमजोर हो जाती हैं। पानी में आर्सेनिक होना बेहद खतरनाक है। इससे ब्लड सर्कुलेशन ठप हो जाता है। इससे कैंसर समेत अन्य बीमारियां होती हैं।
-डा. अशोक तालियान, डिप्टी सीएमओ
धनौरा के गांव के पानी की जांच में आयरन और फ्लोराइड मिला है। अभी और सैंपलिंग की जाएगी। वैर बादशाहपुर में आर्सेनिक की मौजूदगी मिली है। पानी की दोबारा जांच कराई जाएगी।
-एसके भारद्वाज, एक्सईएन, जलनिगम