बुलंदशहर। अपर सत्र न्यायाधीश 12 आरपी सरोज के न्यायालय ने दहेज हत्या के एक मामले में पति समेत सास व ससुर को दोषी मानते हुए 7-7 साल की सजा और 6-6 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। बता दें कि दहेज में दो लाख रुपये और कार की मांग पूरी न होने पर नवविवाहिता पत्नी को उसके पति ने अपने माता-पिता के साथ मिलकर फंदे पर लटकाकर मार दिया था।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी रविंद्र सिंह ने बताया कि वादी प्रेमचंद पुत्र लालाराम निवासी देवीपुरा द्वितीय ने 16 मई 2010 को अपनी बेटी ममता की शादी विजेंद्र पुत्र जयपाल सिंह निवासी धमैड़ा रोड के साथ की थी। 3 अक्टूबर की रात उसे सूचना मिली कि उसकी बेटी ममता फंदे पर लटकी हुई है। 4 अक्टूबर 2012 को नगर कोतवाली पुलिस ने प्रेमचंद की तहरीर पर पति, सास, ससुर, देवर, ननद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की। एडीजे 12 ने दलीलों को सुना। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी सहित 6 गवाहों ने अपने बयान दर्ज कराए। गवाहों और सबूतों का अवलोकन कर न्यायाधीश ने पति विजेंद्र, ससुर जयपाल और सास ऊषा देवी को दोषी पाते हुए 7-7 साल कारावास व अर्थदंड की सजा सुनाई।