बुलंदशहर/नरौरा। पावर कारपोरेशन ने बिजली के बकायेदारों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। तीन दिन पहले शुरू हुई कार्रवाई के तहत प्रथम चरण में निगम अफसरों ने 55 गांवों की बिजली अब तक काट दी है। अफसरों के मुताबिक बकाया न देने पर करीब ढाई सौ से तीन सौ गांवों की बिजली गुल हो सकती है। बिजली गायब होने से परेशान किसानों के पक्ष में अनूपशहर विधायक गजेंद्र सिंह ने एसई से मुलाकात कर जल्द बिजली आपूर्ति की मांग की है।
पावर कारपोरेशन ने बिजली का बकाया न देने पर हाल ही में शिकारपुर क्षेत्र में 5 गांवों की बिजली काट दी थी। उम्मीद थी कि क्षेत्र के किसान कार्रवाई से सबक लेंगे और बिजली का बकाया जमा कर देंगे। बावजूद इसके किसानों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। कुछ किसानों को छोड़कर शेष ने एक पाई तक जमा नहीं की। हालात गंभीर देख विद्युत निगम के अफसरों ने प्रथम चरण में अब तक जहांगीराबाद में 17, शिकारपुर में 16, सिकंदराबाद में 14 और स्याना में आठ गांवों की बिजली काट दी है। बिल जमा न होने पर बिजली कटने वालों का ग्राफ और बढ़ सकता है। अनूपशहर विधायक गजेंद्र सिंह ने बताया कि बुलंदशहर सूखाग्रस्त होने के चलते जिले के किसानों की हालत भुखमरी के कगार पर है। गांवों में चोरी डकैती की घटना बढ़ गई हैं। उन्होंने गांवों में जल्द बिजली सप्लाई की मांग की है। उनका आरोप है कि पावर कारपोरशन जिला सूखा ग्रस्त घोषित होने के बाद भी किसानों की मदद के बजाए उनको परेशान कर रहा है।
कोट्स
बकाया जमा न होने की वजह से 50 से अधिक गांवों की बिजली काट दी गई है। किसान परेशान हैं, लेकिन बिल जमा नहीं करने आ रहे हैं। राजस्व वसूली हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
राकेश कुमार, एसई