खानपुर। थाना क्षेत्र के गांव मिर्जापुर नंगली में सोमवार सुबह रसोई गैस सिलेंडर में हुए विस्फोट से एक छात्रा की मौत हो गई, जबकि उसे बचाने की कोशिश में पड़ोसी युवक गंभीर रूप से झुलस गया। विस्फोट से गांव में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह आग बुझाकर पुलिस को सूचना दी। चर्चा है कि हादसा चाय बनाते समय सिलेंडर लीक करने के दौरान लगी आग से हुआ। उधर, परिजनों के कानूनी कार्रवाई न करने के आग्रह पर पुलिस ने पंचनामा भरकर शव उन्हें सौंप दिया।
पुलिस के अनुसार, गांव मिर्जापुर नंगली निवासी ब्रिजेश खानपुर-जहांगीराबाद मार्ग पर तांगा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करता है। परिजनों के मुताबिक, सोमवार सुबह 6 बजे ब्रिजेश की पत्नी जगवती गैस पर चाय बना रही थी। उसी समय अचानक सिलेंडर में आग लग गई। धीरे-धीरे आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग बढ़ने पर सभी घर से बाहर आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, परिजनों को पता चला कि कर्ज पर लाए गए 35 हजार रुपये घर में ही रखे हैं। इस पर ब्रिजेश की पुत्री रचना (12) बिना किसी को बताए रुपये निकालने के लिए घर में घुसी गई। रचना को रोकने के लिए पड़ोसी युवक सोनू भी उसके पीछे घर में घुस गया। इसी दौरान जोरदार आवाज के साथ सिलेंडर फट गया। सुबह-सुबह विस्फोट की आवाज सुनकर काफी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। किसी तरह आग बुझाते हुए ग्रामीण घर में घुसे तो रचना की झुलसने के कारण मौत हो चुकी थी जबकि सोनू तड़प रहा था। ग्रामीणों ने दोनों को आनन-फानन बाहर निकाला और सोनू को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। सूचना पर सीओ और एसओ खानपुर महेन्द्र सिंह पहुंच गए। परिजनों की कार्रवाई न करने की मांग पर पंचनामा भरकर शव उन्हें सौंप दिया। उधर, ग्राम प्रधान किशोर सिंह ने परिजनों को गांव से चंदा एकत्रित कर मदद करने का भरोसा दिया है। कक्षा पांच की छात्रा रचना की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ब्रजेश का एक बेटा नीशू(8) कक्षा तीन में पढ़ता है। सीओ हिमांशु गौरव ने बताया कि परिजनों के आग्रह पर शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पांच दिन पूर्व ही लिया था कनेक्शन
ब्रिजेश ने जहांगीराबाद गैस एजेंसी से पांच दिन पहले ही गैस कनेक्शन लिया था। सिलेंडर सोमवार सुबह चालू कर चाय बनायी जा रही थी। बताया जाता है कि सिलेंडर में लीकेज था। इसी कारण आग लग गई और हादसा हो गया। गांव वालों में चर्चा थी कि घरवालों में नए गैस कनेक्शन को लेकर उत्साह था, लेकिन इसका किसी को आभास नहीं था कि यही सिलेंडर रचना की जान ले लेगा।
बीमा का प्रावधान
जब कोई उपभोक्ता रसोई गैस कनेक्शन लेता है तो उसका स्वतः ही बीमा हो जाता है। गैस सिलेंडर से होने वाले हादसे से हुई हानि को लेकर उपभोक्ता कंपनी के माध्यम से क्लेम करने पर उसे बीमित राशि मिल सकती है। संभवतः यह नियम सभी गैस एजेंसियों पर लागू है। - सौरभ शाह, एरिया मैनेजर, बीपीसीएल
घर में घरेलू सिलेंडर फटने से मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं है। - डीपी त्रिपाठी, डीएसओ