बुलंदशहर। सैनिक कल्याण विभाग की मुहिम रंग लाई तो जनपद की सातों तहसीलों में शुद्ध पानी के लिए आरओ फैक्ट्रियां लगाईं जाएंगी और इन फैक्ट्रियों की बागडोर शहीदों की विधवाओें के हाथ में होगी। इस मेगा प्रोजेक्ट को डीएम ने स्वीकृति भी प्रदान कर दी है। इस पहल से सैनिकों की विधवाएं आत्मनिर्भर हो सकेंगी।
एक आरओ फैक्ट्री की क्षमता 10 हजार लीटर पेयजल को शुद्ध करने की होगी। शुद्ध पेयजल एक रुपये लीटर के हिसाब से आम आदमी को बेचा जाएगा ताकि, फैक्ट्री का मेंटीनेंस और सैनिक विधवाओं के लिए धन अर्जित किया जा सके। बाकायदा, सैनिक विधवाओं को पानी बेचने के लिए फ्रेंचाइजी दी जाएगी। खास बात यह है कि इसके लिए सैनिकों की विधवाओं को एक पैसा भी खर्च नहीं करना होगा। प्रथम चरण में जार से पानी की सप्लाई होगी और दूसरे चरण में डिब्बाबंद बोतल से पानी की सप्लाई होगी। बाजार में पानी की जो बोतल 15 रुपये की मिलती है, उसी गुणवत्ता का पानी पांच रुपये में उपलब्ध हो जाएगा। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी जीके जोहरी ने बताया कि मेगा प्रोजेक्ट की अनुमति जिला प्रशासन ने दे दी है।
ऐसे होगी फंडिंग
मेगा प्रोजेक्ट पर शासन इकन्नी भी खर्च नहीं करेगा बल्कि पूर्व सैनिक अफसर इस प्रोजेक्ट को आर्थिक मदद देंगे। इसके लिए रिटायर आर्मी अफसरों से बात की जा रही है।
900 परिवार लाभ में
जिले में सैनिक विधवाओं की संख्या 900 है। फिलहाल इन सैनिक परिवारों का पालन पोषण पेंशन से चल रहा है। इन परिवारों का आरओ फैक्ट्रियाें से जुड़ने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
कोट्स
इसी वित्तीय वर्ष में काम शुरू हो जाएगा। वित्त संबंधी दिक्कत नहीं है। जिला प्रशासन ने अनुमति भी प्रदान कर
दी है। - जीके जोहरी, सैनिक कल्याण अधिकारी