कुपवाड़ा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए नीरज राघव और राहुल सिंह को परिजनों और ग्रामीणों ने गम और गुस्से के बीच अश्रुपूरित विदाई दी। परिजनों और ग्रामीणों को जहां अपने सपूत खोने का गम था वहीं पाकिस्तान के प्रति गुस्सा था। लोगों ने अंतिम संस्कार के दौरान पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।
बहांपुर में लगा लोगों का तांता
बुलंदशहर/बीबीनगर। गांव बहांपुर में शूरवीर ग्रेनेडियर राहुल सिंह को ग्रेनेडियर रेजीमेंट के जवानों ने राष्ट्रीय सम्मान के साथ अंतिम सलामी दी। शहीद का शव गांव में पहुंचते ही क्षेत्र शोक में डूब गया। गांव वालों ने अंतिम यात्रा को कांधा देकर दिल की हसरत पूरी की। इस दौरान ग्रामीणों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए और मोदी सरकार से कड़ा रुख अख्तियार करने की मांग की।
मंगलवार की प्रात: 7 बजे सेना के जवान राहुल का पार्थिव शरीर लेकर गांव लेकर पहुंचे। शव के गांव में पहुंचते ही ग्रामीणों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद और जब तक सूरज चांद रहेगा, राहुल तेरा नाम रहेगा जैसे नारे लगाए। शहीद राहुल का शव देखते मां बिमलेश देवी, बहन प्रियंका व नीरज और भाई दीपक दहाड़े मार-मारकर रोने लगे। राहुल के दोस्त और सहपाठी शहीद को तिरंगे में लिपटा देख अपने आंख नहीं रोक पाए। शहीद के पार्थिव शरीर को छोटे भाई दीपक ने मुखाग्नि दी। कमांडर एस सी हुड्डा, कर्नल प्रदीप जोशी, कर्नल रवि तोमर आदि के नेतृत्व में जवानों ने अंतिम सलामी दी। एडीएम निधि श्रीवास्तव, एसडीएम स्याना जगतपाल सिंह, एसपी देहात अशोक कुमार, क्षेत्राधिकारी गुलावठी शैलेंद्र सिंह राठौर, एसओ बीबीनगर बृमेश कुमार यादव सहित सांसद भोला सिंह, रालोद के महासचिव जयंत चौधरी, विधायक गजेंद्र सिंह, पूर्व रालोद प्रत्याशी अंजू मुस्कान, पूर्व मंत्री किरनपाल सिंह, पूर्व सांसद छत्रपाल सिंह, जिला पंचायत सदस्य सुनील चरौरा, पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह सिरोही, पूर्व बसपा जिलाध्यक्ष जगन सिंह, भाकियू प्रदेश सचिव मांगेराम त्यागी, जिलाध्यक्ष कैप्टन बिशनपाल सिंह सिरोही, जिला मंत्री सुशील कुमार शर्मा, पूर्व प्रमुख जितेंद्र सिंह सिरोही, जिला पंचायत सदस्य सुरजीत सिंह आदि ने पुष्प चक्र अर्पित किये।
देवराला में श्रद्धांजलि को उमड़े लोग
बुलंदशहर/खुर्जा । गांव देवराला में तिरंगे में लिपटा शहीद नीरज कुमार का पार्थिव शरीर मंगलवार सुबह 8 बजे पहुंचा। शहीद को राष्ट्रीय ध्वज में लिपटा देख परिजनों में चीखपुकार मच गई। शहीद की पत्नी, पिता, बच्चों और भाइयों के आंसू देख लोग खुद के आंसू नहीं रोक सके। आलम यह था कि परिजन शहीद नीरज का शव देखकर गश खा जमीन पर गिर जाते थे। मुंह पर पानी के छींटे मारने पड़ते तब परिजनों को किसी तरह होश आता। सपूत नीरज राघव के अंतिम दर्शन को बेशुमार भीड़ उमड़ी, जिसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन को काफी मेहनत करनी पड़ी। दोपहर 12:45 बजे राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों ने शहीद को अंतिम सलामी दी। इसके बाद शहीद के पिता और पुत्र ने शहीद के पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार के वक्त ग्रामीणों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए मोदी सरकार से पाकिस्तान की नापाक हरकतों के लिए मुंहतोड़ जवाब देने की मांग की। जिलाधिकारी निधि केसरवानी, एसएसपी अखिलेश कुमार, गौतमबुद्धनगर सांसद डा. महेश शर्मा, बुलंदशहर सांसद भोला सिंह, रालोद से राष्ट्रीय महासचिव जयंत चौधरी, बसपा नेता बाबूलाल गौतम, हरीश सैनी, वासुदेव बाबा, पूर्व विधायक होराम सिंह, हरपाल सिंह, हरजीत टीटू, पीपी अरोड़ा, जयप्रकाश अग्रवाल, लक्ष्मी राज सिंह, विजय सोलंकी, बृजेंद्र खटीक आदि अजय शर्मा समेत अनेक लोग नेता पहुंचे। देवराला में शहीद नीरज कुमार के अंतिम दर्शन के लिए बेशुमार भीड़ गांव में पहुंची। हुजूम का आलम यह था कि गर्मी और धूप की परवाह किए बगैर लोग चार घंटे तक शहीद के अंतिम दर्शन करने के लिए लंबी कतार में खड़े रहे। बहापुर में भी शहीद राहुल के अंतिम दर्शन करने वालों की अंतिम संस्कार तक कतार नहीं टूटी।
शहीद के परिवार को मिलेंगे लाभ
बुलंदशहर/लखनऊ । कुपवाड़ा से आए मेजर ओमकार भड़भड़े ने बताया कि नीरज राघव के परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, बार्डर ड्यूटी इंश्योरेंस, परिवार के सदस्य को नौकरी, दोनो बेटों के बालिग होने और सेना ज्वाइन करने पर फिजिकल और रिटेन टेस्ट के बिना सीधे नौकरी, आजीवन रेल पास, फैमिली पेंशन और आठ साल तक शहीद नीरज की पत्नी को सैलरी मिलेगी। शहीद नीरज का नाम राज्य एवं केंद्र सरकार को वीरता पुरस्कार के लिए भेजा जाएगा। इसके अलावा यूपी सरकार की तरफ से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी शहीदों के परिजनों को बीस-बीस लाख रुपये देने की घोषणा की है। उधर, रालोद राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व सांसद जयंत चौधरी ने कहा कि पाकिस्तान के साथ सख्ती से पेश आने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इस तरह नौजवानों को शहीद कराने से अच्छा है कि पाकिस्तान को सख्त जवाब दिया जाए। विदेश नीति मजबूत हो।
‘नेता जी शहीद के दर्शन करो, राजनीति बाद में’
खुर्जा । देवराला में मंगलवार को शहीद नीरज राघव के अंतिम दर्शनों के लिए पहुंचे गौतमबुद्धनगर लोकसभा क्षेत्र के सांसद डा. महेश शर्मा को ग्रामीणों के गुस्से का शिकार होना पड़ा। सांसद के मीडिया से मुखातिब होते ही पार्थिव शरीर के पास खड़े जवान ने उनसे कहा नेता जी शहीद के दर्शन करो, राजनीति बाद में करना। यह सुनकर सांसद चुप हो गए। वहीं, ग्रामीणों और परिजनों के तीन दिनों तक गायब रहने के सवाल पर सांसद बगले झांकने लगे। इस दौरान ग्रामीणों ने उनका घेराव भी किया। इस पर सांसद ने पहुंचने मंें देरी के लिए माफी मांगी।
शहीद नीरज के भाई सतीश की मानें तो भाई की शहादत की खबर आने के बाद से परिजन सांसद डा. महेश शर्मा, रक्षा मंत्री अरुण जेटली, गृहमंत्री राजनाथ सिंह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके पीए माध्यम से बात करने की कोशिश कर रहे थे। हर बार पीए ने मीटिंग का बताकर नेताओं से बात कराने से इनकार कर दिया। सांसद डा. महेश शर्मा और सपा के प्रभारी मंत्री रामसकल गुर्जर के आने की सूचना दी गई, लेकिन डा. महेश शर्मा मंगलवार दस बजे पहुंचे। सांसद ने जब शहीद के पिता को रक्षामंत्री और गृहमंत्री से दिल्ली में मिलाने का आश्वासन दिया तो यह सुनकर वहां खड़े लोग भड़क गये और हंगामा करने लगे।
परिजन बोले, हम उनसे मिलने क्यों जाएं, क्या वे दोनों देवराला नहीं आ सकते। बाद में संासद ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर स्पीकर खोल कर वार्ता कराई, तब परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुई। सांसद ने परिजनों और ग्रामीणों से समय पर न पहुंच पाने के कारण उनसे माफी मांगी। उधर शोक के कारण देवराला और बहांपुर में दोनों जगहों पर गम के कारण चूल्हे नहीं जले।