बुलंदशहर। कचहरी परिसर मंगलवार को अखाड़े में तब्दील हो गया। पति की हत्या के मामले में प्रेमी के साथ अदालत में समर्पण करने जा रही सरोज को मृतक बंटी के परिजनों ने कचहरी परिसर में दबोच लिया। दोनों की जमकर धुनाई की। मारो, पकड़ो, पीटो और भाग न जाए की आवाज सुनकर भीड़ इकट्ठा हो गई। हंगामे की सूचना पर पहुंची पुलिस ने बमुश्किल दोनों को पब्लिक से छुड़ाया। नरौरा थाना क्षेत्र के राजघाट इलाके में 23 जून को प्रमोद उर्फ बंटी की गला काटकर हत्या कर दी गई थी। प्रमोद के पिता ने उसकी पत्नी सरोज, प्रेमी पीयूष और पीयूष की मां कल्याणी को नामजद कराते हुए हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मंगलवार को सरोज अपने प्रेमी पीयूष के साथ कोर्ट में सरेंडर करने आई। कचहरी के गेट पर पहले से मौजूद प्रमोद के परिजनों ने सरोज और पीयूष को दबोच लिया। परिजनों के साथ मौजूद गांव के लोगों ने दोनों की जमकर धुनाई कर दी।
सरंेडर की थी भनक
मृतक बंटी के पिता का कहना है कि उन्हें दोनों हत्यारोपियों के मंगलवार को सरेंडर करने की पहले से ही भनक थी। बस थोड़ी आशंका जरूर थी। हम लोग पूरी तैयारी के साथ 20 महिलाओं समेत 55 ग्रामीणों समेत पहले से ही कचहरी पहुंच गए। हत्यारोपियों का सुबह से ही गेट पर इंतजार कर रहे थे।
बाल काटने की कोशिश की
बताया गया कि लोगों में इतना गुस्सा था कि महिलाओं ने सरोज के बाल काटने की कोशिश की। हंगामे की सूचना पर पहुंची नगर कोतवाली पुलिस ने दोनों को लोगों के चंगुल से छुड़ा लिया, लेकिन पुलिस के कब्जे से छुड़ाने के लिए आतुर गांव के लोगों ने नगर कोतवाली तक पीछा किया। पुलिस की सख्ती देखकर लौट गए। शाम को नगर पुलिस ने हत्यारोपियों को नरौरा पुलिस के हवाले कर दिया।
दोनों हत्यारोपियों को कब्जे में ले लिया गया है। हत्या का मामला नरौरा थाने में दर्ज है। इसलिए दोनों आरोपियों को नरौरा पुलिस के हवाले कर दिया गया। - राकेश कुमार सिंह, नगर कोतवाल