बुलंदशहर/खुर्जा/औरंगाबाद। जिले में मंगलवार देर शाम आई बारिश आफत बनकर बरसी। औरंगाबाद में दीवार गिरने से दादी-पोते की मौत हो गई। अरनियां क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक मकान जमींदोज हो गए। बिजली ठप हो गई। 40 से अधिक खंभे टूटे और 60 ट्रांसफार्मर फुुंक गए। एक दर्जन से अधिक जगहों पर पेड़ गिरने से तार टूटने की घटनाएं हुईं।
शाम करीब आठ बजे जिले में आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई। औरंगाबाद थाना क्षेत्र के गांव पालीबेगपुर निवासी राजेश्वरी (60) अहाते के कमरे में बैठी हुई थी। आंधी आ जाने से उसका पोता निर्भय (10) दादी को बुलाने के लिए चला गया। इसी दौरान अहाते की दीवार गिरने से दोनों दब गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। बुधवार सुबह पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे। उधर, गांव खाजपुर में दो मंजिला मकान का नवनिर्माणाधीन लेंटर के मलबे में दबकर एक ही परिवार के नन्ही देवी, डाली, लाली समेत सात लोग घायल हो गये। घायलों को औरंगाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं नन्ही अरनियां क्षेत्र मेें भुल्लनगढ़ी निवासी अरमान अहमद, अनवार खां, पम्मी, अम्मी खां, जमील खां, जाफर खां, महावत खां की मकान-दीवार जमीदोंज हो गए। अम्मी खां के एक मवेशी की दबकर मौत हो गई। भोगपुर में फूलवारी के नलकूप पर लगा 63 केवीए का ट्रांसफार्मर भी दब गया। श्याम सिंह, ओमप्रकाश, यशवीर, रामबाबू, विजयपाल, प्रेमपाल की छजली-दीवार भी ढह गई। प्रधान सविता सिंह ने बताया कि लेखपाल मौका मुआयना में जुटे थे। मीरपुर जरारा में नूरी खां, टट्टू खां के मकान ढह गए। नांगल में उदयवीर के मकान का मलबा बाहर खडे़ ट्रैक्टरों पर जा गिरा। कई परिवारों ने आसमान के नीचे रात गुजारी है। तहसीलदार ने बताया कि लेखपालों की टीम को मुआयना के लिए चली गगई है।