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घृणा त्याग मिलो आपस में यही समय का नारा है...

Sun, 17 Nov 2013 05:43 AM IST
Bulandshahr
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स्याना। कवि डा. महेन्द्र कुमार शर्मा द्वारा रचित ‘ज्योतिपुंज एक प्रतिबिंब अनेक’ काव्य संग्रह के विमोचन अवसर पर शुक्रवार रात कवि सम्मेलन और मुशायरे का आयोजन किया गया। काव्य संग्रह विमोचन एसडीएम अजीत कुमार सिंह ने किया। इस मौके पर कवि डा. महेन्द्र शर्मा ने कहा कि ‘देशवासियों उठो आज माता ने तुम्हें पुकारा है, घृणा त्याग मिलो आपस में यही समय का नारा है’। शायर सचिन अग्रवाल ने कहा कि ‘किसी मासूम को रेशम लिपटा फेंक आई है, कोई शहजादी फरिश्ता फेंक आई है’। कवि मणिमधुकर मूसल ने कहा कि ‘हमको ढोंगी बाबाओं के क ैसे-कैसे काम मिले’। शायर मोबीन खां ने ‘भरोसा रख खुदा पर तुझको रिझ मिल जायेगा। बलराम सरस एटा ने कहा कि क्रांतिकारियों के स्वप्न पूरे करने के लिए जिस दिन देश की जनता जाग जायेगी, फिर जनता विश्व में परचम लहरायेगी। प्रदीप गुप्ता शबाब ने कहा कि ‘वक्त के रहमों करम पर क्या से क्या हो जायेगा दर्द छलकेगा तो आइना हो जायेगा’। हास्य कवि सरदार रतन सिंह रतन, लक्ष्मीचन्द सुमन, सलीम अख्तरी, नवीन चतुर्वेदी, तेजपाल सिंह नाज आदि कवि व शायरों ने अपने कलाम पढे़। आयोजक डा. कपिल शर्मा व अनिल शर्मा ने अतिथियों का आभार प्रकट किया। भीम सैन त्यागी ने अध्यक्षता की।
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