बुलंदशहर। आईपी कॉलेज के बाद डीएवी कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव में भी एबीवीपी ने क्लीन स्वीप कर इतिहास रच दिया। बता दें कि पहली बार डीएवी कॉलेज में एबीवीपी ने छात्रसंघ के सभी पदों पर जीत हासिल की है। इससे पहले अब तक कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव में हमेशा अलग-अलग छात्रसंगठनों के पदाधिकारी चुने जाते रहे हैं। शनिवार को कॉलेज में हुए छात्रसंघ चुनाव में संगठित दल (सपा छात्रसभा, रालोद और एनएसयूआई) की पराजय हुई। संगठित दल के खाते में एक भी पद नहीं आया। अध्यक्ष पद पर चुने गए कृष्णपाल सिंह उर्फ केपी प्रतिद्वंद्वी कुबेर सिंह (संगठित दल) और उपाध्यक्ष के पद पर चुने गए आकाश पंडित ने अपने प्रतिद्वंद्वी मनोज कुमार (संगठित दल) को बड़े अंतर से हराया। वहीं, सचिव पद पर चुने गए अंकुर लोधी ने संगठित दल के रविंद्र कुमार और सहसचिव पद पर चुने गए एबीवीपी प्रत्याशी निकुंज कुमार ने निर्दलीय हिना खान को पराजित किया।खास बात यह रही कि मुख्य चुनाव आयुक्त डा. विकास शर्मा ने प्राचार्य डा. रानीबाला गौड़, नगर मजिस्ट्रेट गंगाराम गुप्ता और सीओ सिटी वैभव कृष्ण और कॉलेज के अन्य प्राध्यापकों के सामने करीब दो घंटे में ही सारी मतगणना करवा दी और विजयी पदाधिकारियों को शपथ दिलाकर उनको प्रमाण पत्र भी दे डाले।
44 प्रतिशत वोट पड़े।
कॉलेज में करीब 44 प्रतिशत वोट पड़े। 3085 मतदाताओं में से 1349 छात्र-छात्राओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसमें छात्राओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। सुबह साढ़े आठ बजे से ही मतदाताओं की कतार लगनी शुरू हो गई। यूजी के छात्र-छात्राओं में मतदान के प्रति खासा रुझान दिखाई दिया। इसमें भी सबसे अधिक संख्या प्रथम वर्ष के वोटरों की रही। गेट पर चीफ प्रॉक्टर अर्चना सिंह समेत पांच स्थायी प्राध्यापकों की तैनाती थी। स्वयं मुख्य चुनाव आयुक्त डा. विकास शर्मा सारे दिन व्यवस्था संभालते दिखाई दिए। डा. शर्मा ने बताया कि 139 वोट निरस्त हुए हैं। उधर, पूरे साल जिन छात्रों पर आरोप लगते रहे, वह छात्राओं को ‘दीदी’ कहकर वोट मांगते नजर आए। यहां तक कि छात्राओं को गेट से सम्मानपूर्वक बूथ तक भी छोड़कर आए।