अनूपशहर। गंगातट पर कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले दस दिवसीय गंगा स्नान मेले की तैयारियां जहां अंतिम दौर में हैं, वहीं गंगा तट पर श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया है। गंगा के दक्षिणी किनारे पर पुल के नीचे बुग्गियों व ट्रैक्टरों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने गंगा रेती में परिवारों के साथ डेरा डाल बसेरा शुरू कर दिया है। डेरों में रह रहे लोगों की सुविधा के लिये मेला प्रशासन
पानी, प्रकाश और चिकित्सा आदि की तैयारियां को पूरी करने में जुटा हुआ है। हालांकि उत्तरी किनारे पर अभी जेनरेटर से बिजली,
पानी, टेंट, प्रशासनिक कैंप, बैरिकेडिंग, पुलिस आदि की तैयारियां आधी अधूरी हैं।
गंगापुल पार रेती में जेपीनगर, संभल व बदायूं और मुरादाबाद जिलों से भी बड़ी तादात में श्रद्धालु स्नानार्थी पहुंच रहे हैं। मदारगेट व कॉलेज रोड पर दुकानदार दुकानें सजाने में लगे हैं।
चरख, झूले और मनोरंजन के अन्य साधन भी मेला क्षेत्र में अपनी तैयारियां कर रहे हैं। मुख्य स्नान पर्व 17 नवंबर को है। गंगा में प्रशासन ने गहरे जल वाले स्नानघाटों व स्नान क्षेत्र की बैरिकेडिंग की है। जहां नावें व गोताखोर तैनात किए जा रहे हैं। गंगातट पर बच्चों का मुंडन संस्कार कराया जा रहा है। गंगातट महिलाओं के मंगल गीतों से गुंजायमान है। पालिकाध्यक्ष मंजू शर्मा, एसडीएम इंद्रेश कुमार व सीओ पुलिस हिमांशु गौरव ने मेला क्षेत्र व गंगातट पर तैयारियों का जायजा लिया और अधूरी तैयारियों को पूरा करने के निर्देश दिए।
कंट्रोल रूम स्थापित
कांती प्रकाश सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में मेला कोतवाली स्थापित कर मेला कंट्रोल रूम बनाया गया है। एलडीएवी की स्काउट टीम ने बबस्टर गंज में बच्चोें के लिये खोया पाया कैंप लगाया है।
बंद रहेंगे शराब के ठेके
एसडीएम इंद्रेश कुमार ने बताया कि कार्तिक गंगास्नान मुख्य पर्व के दौरान 16 व 17 नवंबर को शराब के ठेके बंद रहेंगे।
प्रतिमाएं स्थापित
कस्बे के प्राचीन बराहीमाता मंदिर में कार्तिक त्रयोदशी पर शिव परिवार की प्रतिमाएं धार्मिक विधिविधान से नगर परिक्रमा कराकर स्थापित की गईं। रवि शास्त्री, सुनील गर्ग, विजय लोधी, ब्रजेश शर्मा, देवेंद्र आदि रहे।