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24 करोड़ों की आतिशबाजी से गूंजा बुलंदशहर

Thu, 15 Nov 2012 12:00 PM IST
Bulandshahr
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बुलंदशहर। त्योहार के उल्लास ने महंगाई का रंग फीका कर दिया। लोगों ने दिल खोलकर खर्च किया। दीपावली की रात करीब 18 करोड़ रुपये की आतिशबाजी की गई। राजस्थान और गुजरात की आतिशबाजी सबसे ज्यादा बिकी है। फिलहाल पिछले वर्ष करीब 24 करोड़ रुपये की आतिशबाजी की गई थी।
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आतिशबाजी विक्रेेता सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल इस बार आतिशबाजी की बिक्री कम रही है। जबकि खरीददारी करने वालों का प्रतिशत बढ़ा है। राजस्थान और गुजरात की आतिशबाजी की डिमांड ज्यादा रही है। शहर में चार स्थानों पर करीब 55 दुकानें लगाई गई। इन पर करीब 7 करोड़ रुपये से ज्यादा की पटाखों और आतिशबाजी की बिक्री हुई है।
खुर्जा के व्यापारी आनंद कुमार और गणेश दत्त ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार महंगाई का असर जरूर दिखा है। लेकिन खरीददारों की संख्या बढ़ी है। यही कारण है कि खुर्जा से करीब 6 करोड़ का कारोबार हुआ है। सिकंदराबाद के आतिशबाजी कारोबारी ज्ञानेंद्र मिश्रा ने बताया कि हापुड़ नजदीक होने से महंगे आइटम लोग वहां से ही खरीद लेते हैं। लेकिन करीब 6 करोड़ रुपये की आतिशबाजी का अनुमान है। अनूपशहर, शिकारपुर, डिबाई और अन्य तहसीलों में आतिशबाजी की बिक्री ठीक रही है।
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वातावरण में ‘जहर’, 187 की हालत बिगड़ी
बुलंदशहर। आसमान में करतब दिखाती रंगबिंरगी रोशनी देखने में तो अच्छी लगी, लेकिन चंद पलों का यह सुखद नजारा वातावरण में जहर घोल गया। दिवाली पर की गई आतिशबाजी ने दमा रोगियों के सामने परेशानी खड़ी कर दी। अस्थमा के 187 रोगी उपचार के लिए जिला अस्पताल और निजी अस्पतालों में पहुंचे।
हर दिवाली पर हम पटाखों से वायु और ध्वनि प्रदूषण बढ़ा देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार दिवाली पर वाहन और पटाखों की वजह से प्रदूषण ज्यादा बढ़ता है। करोड़ाें रुपये के पटाखे वातावरण में जहर घोल देते हैं। कृष्णा नगर निवासी रेखा रानी, साठा निवासी शाहीन, ऊपर कोट निवासी इल्यिास अहमद ने बताया कि दिवाली की रात को सांस लेने में काफी दिक्कत आई।

मिठाई खाने के बाद पहुंचे अस्पताल
बुलंदशहर। दिवाली पर मिलावटी मिठाई, दूध, पनीर और अन्य खाद्य सामग्री के सेवन से बीमार होकर कई लोग अस्पताल पहुंचे। पेट दर्द और उल्टी से लोग परेशान रहे।
मिठाई खाने के बाद देवीपुरा निवासी वीरेंद्र कुमार सिंह की हालत अचानक बिगड़ गई। उल्टी न रुकने पर डॉक्टर को दिखाना पड़ा। यही हाल कृष्णानगर निवासी कबीर, जाहिद, अशोक, देवीलाल की हुई। पेट दर्द शुरू होते ही डॉक्टर के पास भागे। जिला अस्पताल में धर्मेंद्र अड्डा निवासी इंद्ररेश, बाईपास नहर कालोनी निवासी कल्लू और सराय धारी के रहने वाले शैनू इलाज को पहुंचे। सीएमएस डॉ. सत्य सिंह का कहना है कि पेट दर्द और उल्टी के कई मरीज पहुंचे।
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