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पल्लेदारों की हड़ताल से मंडी ठप

Mon, 14 May 2012 12:00 PM IST
Bulandshahr
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लोडिंग-अनलोडिंग न होने से किसानों और व्यापारियों को हो रही परेशानी
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डिबाई। अनाज मंडी में पल्लेदारों ने मंडी व्यापारियों के मजदूरी न बढ़ाए जाने के विरोध में रविवार हड़ताल कर दी। इससे मंडी का कामकाज ठप हो गया। मंडी आए किसानों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। इस समय मंडी में गेहूं, जौ और जई की फसल आ रही है। मंडी में सौ से अधिक आढ़तियों के प्रतिष्ठान हैं और एक हजार से अधिक पल्लेदार कार्यरत हैं। मंडी परिसर में धरने पर बैठे पल्लेदार मोती सिंह, प्रेमपाल सिंह, देवेंद्र, बुद्धसेन, कैलाश, सुरेश, जयप्रकाश, चौखे लाल, वेद प्रकाश, राकेश, धर्मपाल, जयपाल, मुनीम आदि का कहना है कि मांगे पूरी न होने तक हड़ताल जारी रहेगी। पल्लेदारों का कहना है कि अभी तक गल्ला व्यापारियों द्वारा पक्का आढ़तियों तक के माल पहुंचाने पर छह सौ ग्राम दाना और 3.5 रुपये प्रति कुंतल मजदूरी मिलती थी। अब व्यापारियों द्वारा माल पर एक प्रतिशत कमीशन मजदूरी देने की बात कही गई है। पल्लेदारों का कहना है कि एक प्रतिशत मजदूरी पर वह काम करने को तैयार हैं। लेकिन पल्ले पर माल नहीं डालेंगे। वहीं, अनाज मंडी में हड़ताल से दूर दराज क्षेत्र के माल लेकर आए किसान परेशान हो रहे हैं। तलवार के किसान होती सिंह, राम किशोर रामघाट से आए विन्नामी सिंह, रतनपुर के अशोक, धर्मपुर के रामकिशोर, गालिबपुर के सुरेश का कहना है कि आए दिन मंडी बंद रहने से किसान मंडी में माल लेकर आना बंद कर देते हैं। ऐसे में भारी आर्थिक नुकसान होता है।
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बारदाने की कमी से किसान परेशान
गुलावठी। गेहूं क्रय केंद्रों पर बारदाने की कमी से किसान और लेबर दोनों परेशान हैं। रविवार को नई मंडी स्थल स्थित केंद्रीय उपभोक्ता सहकारी भंडार लि. बुलंदशहर के क्रय केंद्र पर पीसीएफ से बारदाना उधार लेकर काम चलाया गया। किसान तौल की धीमी गति से असंतुष्ट थे। वहीं, लेबर ठेकेदार वीरबल का कहना है कि बारदाना न होने के कारण मजदूरी नहीं बनती है। उनकी टोली में 14 आदमी हैं। तीन रुपये प्रति कुंतल के हिसाब से उन्हें मजदूूरी मिलती है। दिन में प्रत्येक आदमी को 100 रुपये भी नहीं मिल रहे हंै। केंद्र प्रभारी शशिकांत का कहना है कि वह बुलंदशहर बारदाना लेने गए थे, परंतु वारदाना नहीं मिला। इसलिए पीसीएफ से कुछ बोरा उधार लेकर किसानों का गेहूं तौल रहे हैं।
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