खुर्जा। चूल्हे की चिंगारी से लगी आग ने रोहिंदा के नगला बंजारा को पूरी तरह अपने गिरफ्त में ले लिया। देखते ही देखते चालीस ग्रामीणों के आशियानों में आग तांडव करने लगी। बेबस ग्रामीण विकराल आग को बुझाने का प्रयास छोड़ चुके थे। लगभग आधे घंटे बाद पहुंचे दमकल वाहनों को देखकर ग्रामीणोें की भीगी आंखों मेें चमक आई, पंद्रह मिनट बाद ही दमकल वाहनों का पानी खत्म हो गया। इसके बाद दमकल कर्मी भी बेबस नजर आने लगे। सवा सात बजे आंधी कम होने के साथ ही इंद्र देव बरसने लगे। ग्रामीण आस लगाए आसमान की ओर देखने लगे। जिसे देखकर लगा कि मानो इंद्र देव ने ग्रामीणों की करुण पुकार सुन ली है, लेकिन बारिश की फुहारें भी आग रोकने में नाकामयाब साबित हुई।
हर तरफ चीख पुकार
नगला बंजारा में आगजनी के दौरान हर तरफ कोहराम और अपना आशियाना उजड़ता देख रहे ग्रामीणों की चीख पुकार गूंज रही थी। आग इतनी विकराल थी कि ग्रामीण झोंपड़ियों के आसपास फटक भी नहीं पा रहे थे। जिस ग्रामीण ने भी अपनी झोंपड़ी के इर्द-गिर्द जाने का प्रयास किया। वही आग में झुलसकर घायल हो गया। ग्रामीण रोते बिलखते और ईश्वर से प्रार्थना करते हुए अपने आशियानों को उजड़ता देखने के लिए विवश हो गए।
अफसर मूकदर्शक
भीषण अग्निकांड के दौरान केवल तहसीलदार युगराज सिंह और अरनियां पुलिस मौके पर नजर आई, लेकिन अन्य पुलिस अधिकारी मूकदर्शक बनकर ग्रामीणों की बर्बादी का तमाशा देखने के सिवाय कुछ नहीं कर पाए। अफसर काफी देर तक ग्रामीणों को ढांढस बंधाने का भी साहस नहीं जुटा पाए।
हर तरफ तबाही
नगला बंजारा में आगजनी के दौरान हर तरफ तबाही और बर्बादी के निशान दिखाई पड़े। कहीं ग्रामीणों के मवेशी मृत अवस्था में पड़े थे, तो कहीं ग्रामीणों का घरेलू सामान आग मेें सुलगता हुआ दिखाई दे रहा था। सामान को राख होता देख ग्रामीण आंसू बहाने के सिवाय कुछ नहीं कर पाए।