बुलंदशहर। ‘लबों पे उसके कभ्ाी बद्दुआ नहीं होती, बस एक मां है जो मुझसे खफा नहीं होती।’ शायर मुनव्वर राणा की ये पक्तियां मां का बच्चों के प्रति प्यार को दर्शती है। जीवन में मां का स्थान कितना महान होता है, बच्चों ने इसे स्कूलों में आयोजित कार्यक्रमों में बयां किया। मौका था रैनेसा स्कूल में आयोजित मदर्स डे के मद्देनजर कार्यक्रम का। आजाद पब्लिक स्कूल में भी कुछ ऐसा ही नजारा दिखाई दिया। जहां अपनी प्रस्तुति से बच्चों ने पैरेंट्स को भाव विभोर कर दिया।
रैनेसा स्कूल में मदर्स डे को लेकर बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए। मां तू कितनी अच्छी है, गाने पर बच्चों ने नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। नसरी सी के देवांस ने मां की महिमा का गुणगान किया। काजल, आकांक्षा, गरिमा, तान्या और मोक्ष ने कभी न भूलो मां का प्यार कविता प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। विद्यालय के मुख्य प्रशासक अभिराम शर्मा ने मदर्स डे को लेकर छात्रों को जीवन में मां की भूमिका का महत्व बताया।
वहीं, आजाद पब्लिक स्कूल में छात्रों ने सर्वप्रथम लल्ला-लल्ला लोरी गाने पर नृत्य प्रस्तुत किया। टाई की नॉट बांधने की प्रतियोगिता में रूबी सिंह, मोम बत्ती जलाओ प्रतियोगिता में डॉली ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
विद्यालय की चेयरपर्सन जाहिदा बेगम ने कहा कि मां का ऋण कभी भी बच्चे नहीं उतार सकते। प्रधानाचार्य नितेश कुमार सिंह ने सभी बच्चों और अभिभावकों को धन्यवाद दिया।
मां की आकृति बनाई
सिकंदराबाद। दनकौर रोड स्थित बीबीसी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में मदर्स-डे के उपलक्ष्य में मंगलवार को स्टूडेंट्स ने माताओं की आकृति बनाई। केजी और नर्सरी के विद्यार्थियों ने ग्रीटिंग कार्ड बनाकर खूब वाहवाही बटोरी। कक्षा एक से पांच तक के बच्चों ने माताओं की तस्वीर बनाकर ‘मेरी मां’ के शीर्षक पर पांच-पांच पंक्तियां लिखी। साथ ही कक्षा छह से आठ तक के विद्यार्थियों ने मां की आकृति बनाई। इस विषय पर स्टूडेंट्स ने कुछ पक्तियां भी लिखी। कक्षा नौ से बारह के छात्र-छात्राओं ने मेरी मां शीर्षक पर निबंध लिखे।