बुलंदशहर। जिले के 97 हजार किसान पीएम किसान सम्मान निधि पाने से वंचित रह जाएंगे। करीब 70 किसानों की ई-केवाईसी नहीं हो पाई और 27 हजार किसानों के खातों से एनपीसीआई नहीं हो सकी है। ग्राम पंचायत से लेकर तहसील स्तर तक शिविर लगाने के बाद भी 14वीं किस्त शत-प्रतिशत किसानों को नहीं भेजी जा सकेगी।
जिले में 3,92, 400 लाख किसान हैं, जिन्हें किसान सम्मान निधि का लाभ मिलना था। इसके सापेक्ष करीब 3.77 लाख किसानों का ब्योरा विभाग के पास उपलब्ध है। केंद्र सरकार ने योजना का लाभ लेने के लिए किसानों का ई-केवाईसी, बैंक खाते से आधार लिंक और एनपीसीआई जरूरी कर दिया है। केंद्र सरकार के निर्देश पर 22 मई से 16 जून तक किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया गया था। इसके तहत ग्राम पंचायत, ब्लॉक व तहसील स्तर पर कैंप लगाकर किसानों की ईकेवाईसी, भूलेख एवं बैंक से आधार लिंक न हो पाने की समस्याओं का निराकरण किया गया। इन कैंपों में अलग-अलग श्रेणी में आवेदन आए और उनका निस्तारण हुआ। बावजूद इसके करीब 97 हजार किसान इस बार भी सम्मन निधि से वंचित रहेंगे। विभागीय अधिकारियों की माने तो इनमें अधिकांश किसान रह रहे हैं। तमाम किसानों का निधन भी हो चुका है, जिसकी सूचना अपडेट हो रही है। वजह जो भी शासन की मंशा के अनुरूप शत प्रतिशत किसानों को सम्मान निधि दिलाना आसान नहीं है। वहीं, योजना की 14वीं किस्त किसानों को 28 जुलाई से आने की संभावना है।
उप कृषि निदेशक डॉ.रघुराज सिंह ने बताया कि किसानों को प्रधानमंत्री सम्मान निधि का लाभ लेने के लिए लगातार ई-केवाईसी, बैंक से आधार लिंक कराने और एनपीआईसी कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है। विभाग की ओर से अभियान चलाकर और शिविर लगाकर समस्याओं का निस्तारण किया गया। जिले के सभी पात्र किसानों को योजना का लाभ दिलाने का प्रयास जारी है।