बुलंदशहर। उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन की ओर से 350 आजीविका सखी बन गई हैं। यह ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के साथ खेती व पशुपालन करने के तरीका अपनाने के लिए जागरूक करेंगी। साथ ही जैविक खेती करने समेत अन्य कार्य के लिए भी जरूरी सुझाव देंगी।
उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन के उपायुक्त सूबेदार सिंह ने बताया कि जिले में 750 महिलाओं का आजीविका सखी के रूप में चयन कर लिया गया है। इनमें से 500 आजीविका सखी को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। जबकि शेष को जल्द प्रशिक्षण देने की तैयारी चल रही है। प्रशिक्षण के दौरान आजीविका सखी बनी महिलाओं को स्वरोजगार, समूह प्रबंधन, वित्तीय योजना और बैंकिंग प्रक्रियाओं के साथ-साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाएगी। जिससे वे अपने गांवों में रोजगार के नए अवसर सृजित कर सकें।
कहा कि चयनित आजीविका सखियों को उनके नेतृत्व क्षमता और सामाजिक कार्यों में सक्रियता के आधार पर चुना गया है। ये महिलाएं अब अपने गांवों में अन्य महिलाओं को भी जागरूक करने और स्वावलंबन के लिए प्रेरित करने का कार्य करेंगी। उन्होंने बताया कि आजीविका सखी खेती-किसानी से जुड़ीं महिलाओं को जैविक तरीके से खेती करने के लिए भी प्रेरित करेंगी। साथ ही सभी विभागों से मिलने वाली योजनाओं से अवगत करा कर उनका लाभ लेने के लिए भी जागरूक करेंगी।