विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मतदाता बूथों का सत्यापन किया जाएगा। ऐसे मतदाता बूथ चिंहित किए जाएंगे, जिन पर बिजली, पानी और रैंप की व्यवस्था नहीं है। लोकसभा चुनाव में ऐसे बूथों की संख्या 1106 थी। निर्वाचन आयोग ने ऐसे बूथों को चिंहित कर व्यवस्था सुधारने का आदेश दिया है। वहीं, इवीएम की अपलोडिंग और ट्रेकिंग का कार्य शुरू हो गया है।
बुलंदशहर विधानसभा क्षेत्र समेत सिकंदराबाद, खुर्जा, स्याना, शिकारपुर, डिबाई और अनूपशहर में 2449 बूथों का भौतिक सत्यापन करना होगा। अफसरों को मतदाता बूथों पर शौचालय, रैंप, बिजली और पानी का इंतजाम का सच जानना होगा। एसडीएम को प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र का नोडल अधिकारी बनाया गया है।
जिस विभाग के भवन में मतदाता बूथ है, उसी विभाग के अफसरों को वहां बिजली, पानी, शौचालय और रैंप की व्प्यवस्था करनी होगी।
लोकसभा चुनाव: 2015 में बूथों का हाल
बिजली नहीं 680 केंद्र
पानी नहीं 026 केंद्र
शौचालय नहीं 062 केंद्र
रैंप नहीं 329 केंद्र
जर्जर भवन 013
क्रिटिकल बूथ-वरनेबुल क्षेत्र चिंहित
अफसर क्रिटिकल बूथ-वरनेबुल बूथों को चिंहित किया जाएगा। संवदेनशीलता और अति संवेदनशीलता के आधार पर बूथों को क्रिटिकल और वरनेबुल घोषित किया जाएगा। बता दें कि क्रिटिकल बूथ वे होते हैं जहां पिछले चुनावों में एक ही उम्मीदवार के पक्ष में 75 फीसदी मतदान हुआ हो। कुल मतदान 80 फीसदी हो और बूथ पर झगड़ा भी हुआ हो। वरनेबुल एरिया वे होते हैं जहां मतदाताओं को जबरन मतदान से रोका गया हो।
विभागों को चिटठी भेज बूथों का सर्वे और अव्यवस्थित बूथों की व्यवस्था संवारने को कह दिया गया। इवीएम की अपलोडिंग ट्रेकिंग का काम भी शुरू हो गया है।
अरविंद कुमार मिश्र एडीएम प्रशासन, बुलंदशहर