संसाधन के अभाव में नहीं रुकेगा बच्चों का खेल
- प्राथमिक स्कूल को पांच और उच्च प्राथमिक स्कूलों को मिले 10 हजार रुपये
- शासन से प्राप्त राशि से शिक्षक खरीदेंगे बच्चों के खेलने का सामान
अमर उजाला ब्यूरो
बुलंदशहर। अब परिषदीय स्कूलों में खेल के संसाधनों की कमी सामने नहीं आएगी। शासन से जिले के 2399 परिषदीय स्कूलों को धनराशि भेज दी गई है। इससे शिक्षकों द्वारा खेल का सामान खरीदा जाएगा। ऐसा पहली बार हुआ है कि जिन स्कूलों में अनुदेशक नहीं हैं, वहां भी पैसा भेजा गया है।
शासन ने बच्चों के खेलने का सामान खरीदने के लिए सभी प्राथमिक स्कूलों को पांच हजार और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को दस हजार रुपये भेजे हैं। जिन विद्यालयों में खेल का मैदान नहीं है, वहां पर बच्चों के लिए इंडोर गेम की सामग्री खरीदी जाएगी। खेल सामग्री कोई भी खरीदी जा सकेगी। खेल सामग्री खरीदने में समिति के दो अभिभावक होने जरूरी हैं। विद्यालय प्रबंध समिति का अध्यक्ष और समिति में प्रधानाध्यापक शामिल रहेंगे। व्यायाम शिक्षक और अनुदेशक सदस्य रहेंगे। गठित समिति तय करेगी कि बच्चों के लिए कौन से खेल की सामग्री खरीदी जाए। खेल संबंधी बैठक, स्टॉक और गतिविधियों का रजिस्टर भी स्कूल द्वारा तैयार करना होगा। शासनादेश के तहत अब स्कूल में प्रत्येक शनिवार को खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसमें बच्चे प्रतिभाग करेंगे। इसके अलावा महीने के दूसरे शनिवार को न्याय पंचायतों में प्रतियोगिताएं आयोजित करवाई जाएंगी। इसमें क्षेत्र के सभी स्कूलों के छात्र-छात्राएं भाग लेंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार ने बताया कि प्रत्येक स्कूल के लिए निर्धारित राशि मिलेगी। इस बार शासन के नए नियम से बच्चों की प्रतिभा निखारने के लिए खेलकूद प्रतियोगिताएं होंगी।