बुलंदशहर। आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध जिले के नौ निजी चिकित्सालयों में लखनऊ से आई टीम को अनियमितता मिली है। अब शासन स्तर से इन सभी पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। फिलहाल सभी संचालकों को नोटिस भेजकर व्यवस्थाओं की जानकारी मांगी गई है। आयुष्मान योजना से संबद्ध निजी अस्पतालों की जांच पड़ताल के लिए लखनऊ से शुक्रवार को तीन सदस्यीय टीम को भेजा गया था। टीम ने योजना से जुड़े करीब नौ निजी अस्पतालों का निरीक्षण किया था। इसमें लखनऊ से राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के जीएम डाॅ. आलोक कुमार भी शामिल रहे। विभागीय अफसरों के अनुसार तीन सदस्यीय टीम ने मरीजों के रिकॉर्ड, मरीजों को दी जाने वाली सुविधाएं और तैनात स्टाफ की जांच की। इन सभी जगह टीम को खामियां मिली हैं। किसी जगह अप्रशिक्षित स्टाफ भी मिला। टीम ने अस्पतालों को नोटिस भेजकर व्यवस्था और सुविधाओं को लेकर संचालकों से जवाब मांगा है। इसमें नगर और सिकंदराबाद के आयुष्मान पैनल से जुड़े नौ निजी अस्पताल शामिल हैं। संचालकों को सोमवार को मेल के माध्यम से नोटिस मिला है। जिसका जवाब पांच दिन में भेजने के निर्देश मिले हैं। जवाब संतोषजनक न होने पर आईडी निलंबित या भुगतान रोकने की कार्रवाई हो सकती है। पैनल से जुड़े एक निजी अस्पताल संचालक ने बताया कि जो भी व्यवस्था है उसको लेकर जवाब मांगा गया है, स्टाफ को लेकर भी जवाब मांगा है जो भेजा जा रहा है।