जिले में गेहूं की खरीद 40 से 50 प्रतिशत घट गई है। 10 दिन पूर्व जहां क्रय केंद्रों पर रोजाना 2200 से 2500 एमटी गेहूं खरीदा जा रहा था। अब खरीद का ग्राफ गिरकर 1200 से 1300 एमटी पर जा सिमटा है। हालांकि गेहूं खरीद गत वर्ष की तुलना में बेहतर है।
जनपद में 103 केंद्रों पर अब तक 63800 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। गेहूं खरीद लक्ष्य के सापेक्ष 67 फीसदी कर ली गई है। 10-12 दिन पूर्व जिले में हर रोज 2200 से 2500 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा रहा था, लेकिन अव्यवस्था और लापरवाही केे कारण गेहूं खरीद आधे पर सिमट गई है।
ऐसे में निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करना मुमकिन नहीं लग रहा है। प्रशासन ने गेहूं खरीद के लिए सातों तहसील क्षेत्रों में 108 केंद्र बनाए गए थे। फिलहाल, पांच केंद्रों पर गेहूं खरीद बंद पड़ी है।
खास बात यह है कि अनाज मंडियों में गेहूं खरीददारी जमकर की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि अनाज मंडियों और केंद्र प्रभारियों के बीच साठगांठ होने से सरकारी खरीद की रफ्तार सुस्त पड़ी हुई है। साठगांठ परनकेल कस दी जाए तो गेहूं खरीद फिर से रफ्तार पकड़ सकती है।