एक लाख में तय हुआ था सरफराज की हत्या का सौदा
बुलंदशहर। कोर्ट में पेशी के दौरान इदरीश हत्याकांड के मुख्य आरोपी सरफराज की हत्या की सुपारी एक लाख रुपये दी गई थी। इसके लिए खुर्जा और गाजियाबाद के शूटरों को रकम दी गई थी। एक आरोपी ने शूटरों को कोर्ट की रेकी करवाई और हत्या की साजिश रची। आरोपी अपने मंसूबे में कामयाब होते, इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
एसपी देहात बीबी चौरसिया ने प्रेसवार्ता में बताया कि 15 जुलाई को खुर्जा के मोहल्ला शेखपेन की मस्जिद में घुसकर इदरीश की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक के बेटों ने मामले में नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वारदात के मुख्य आरोपी सरफराज की कोर्ट में पेशी के दौरान इदरीश के बेटों ने हत्या कराने की साजिश की थी। इसके लिए अपने बहनोई फुरकान से एक लाख रुपये उधार लिए। फुरकान ने ही मृतक के बेटों और शूटरों की मुलाकात कराते हुए सरफराज की हत्या का सौदा तय करवाया था। पुलिस ने मामले में पांच आरोपियों को हत्या की साजिश करते हुए गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान समीर निवासी साहिबाबाद, बिलाल निवासी मोहल्ला कोर्ट (दोनों शूटर), तालिव निवासी साहिबाबाद, शकील और शोएब निवासी मोहल्ला चौहट्टा के रूप में हुई। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि शोएब व शकील से उनकी मुलाकात मृतक इदरीश के बेटे इमरान व इरफान के बहनोई फुरकान ने कराई थी। खुर्जा पहुंचने पर पदम की पुलिया पर आरोपी बिलाल, समीर और तालिब से शोएब ने मुलाकात की और इसके बाद शोएब ने ही उन्हें कोर्ट में रेकी कराई थी। कोर्ट में ही शकील ने उन्हें हत्याकांड को अंजाम देने के लिए पिस्टल, तमंचा और कारतूस दिए थे। इसके बाद तालिब को एक लाख रुपये फुरकान से लेकर दिए थे। हत्या करने के बाद इन रुपयों को आपस में बांटा जाना था। जब आरोपियों को पता चला कि पुलिस को साजिश की खबर लग गई है तो वह खुर्जा नगर में ही छिप गए थे। जहां से पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए एक पिस्टल, एक तमंचा और एक लाख रुपये की नकदी बरामद की है।