जनपद में मंगलवार को 101 बैंक ब्रांच कैशलेस हो गई। हालात इतने बदहाल है कि 200 में से महज 40 एटीएम में करेंसी निकल सकी। यह हालात नोटबंदी के 49वें दिन बाद दिखे। करेंसी नहीं मिलने पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
पीएनबी की डीएम रोड शाखा, डीएम रोड पर सिंडिकेट बैंक एक्सिस एवं पीएनबी में कैश का झंझट बरकरार है। यही हाल सिविल लाइन रोड, डीएम रोड, लल्ला बाबू रोड और दिल्ली रोड के एटीएम और बैंकों का भी रहा। सिविल लाइन और यमुनापुरम पीएनबी शाखा में हालांकि शाम तक कैश बंटता रहा।
गांव की बैंक शाखाओं में कैश का जबरदस्त संकट है। यहां अधिकांश बैंक शाखाएं कैशलेस हो गई। लीड बैंक अफसर सतपाल मेहता ने बताया कि शाम को आला अफसरों के साथ बैठक है। उम्मीद यह है कि जल्द करेंसी मिलेगी।
‘नोटबंदी ने किसान-मजदूरों को किया परेशान’
नोटबंदी ने किसानों, मजदूरों और छोटे धंधे करने वालों को तबाह कर दिया है। मोदी द्वारा मांगे गए 50 दिन पूरे होने को है लेकिन बैंकों के सामने लगी लाइनें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। ये बातें किसानसभा के प्रदेशाध्यक्ष डीपी सिंह ने गांव जाड़ौल में आयोजित सभा में कहीं।
जिला सचिव चंद्रपाल सिंह ने 30 दिसंबर को स्याना तहसील पर होने वाले प्रदर्शन में किसानों से पहुंचने की अपील की। सभा में जगवीर सिंह भाटी, जड़ौल प्रधान इरफान अली, हरेंद्र सिंह, योगेंद्रपाल सिंह, देवेंद्र सिंह, वचन सिंह, अजयपाल सिंह, प्रेमवीर सिंह, उदयवीर सिंह, रामप्रकाश शर्मा, कल्लन खां मौजूद रहे।
101 बैंकों में कैश की किल्लत है। 200 में से महज 40 एटीएम काम कर रहे हैं। जल्द ही सभी एटीएम को अपग्रेड किया जाएगा। ऐसा आश्वासन आरबीआई की ओर से मिला है। हालांकि कैश के लिए आश्वासन नहीं मिला है। - सतपाल मेहता, लीड बैंक अफसर