खुद का एक आशियाना होने का सपना देखने वाले शहर और देहात के गरीबों की यह इच्छा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत पूरी होगी। जिले में इस योजना के तहत 2019 तक 4500 आशियाना बनाए जाएंगे।
2011 की जनगणना केे हिसाब से जिले में 12,820 परिवार बेघर हैं। इनमें से करीब 2100 देहात क्षेत्र के और 2400 शहरी क्षेत्र के गरीब परिवारों को लाभ मिलेगा। जानकारी के अनुसार इस प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए गरीब परिवारों को 13 कसौटियों पर खरा उतरना होगा।
जिन परिवारों की आय सीमा गरीबी रेखा से नीचे है और परिवार के पालन पोषण का जरिया नहीं है। पात्रता के लिए परिवार के पास टीवी, फ्रिज और बाइक नहीं होनी चाहिए। ऐसे परिवारों को ही प्रधानमंत्री आवास की सौगात मिलेगी। गांवों में बेघर परिवारों की सूची की अपलोडिंग का कार्य शुरू कर दिया गया है।
पीडी डीआरडीए मुरारी लाल ने बताया कि जनगणना-2011 के तहत जिले के ग्रामीण इलाके में बेघर परिवारों संख्या 12820 थी। इनमें से 10 हजार से अधिक परिवारों ने अपना मकान बनवा लिया है।
जनगणना में कच्चे मकान में रहने वाले परिवारों को भी बेघर की श्रेणी में रखा गया था। वर्ष-2011 से अब तक कच्चे मकानों की संख्या में भी काफी कमी आई है। सर्वे में करीब 2100 परिवार ऐसे मिले हैं, जिनके पास अपना मकान नहीं है।
ये है पात्रता की शर्त
पक्का आवास नहीं होना चाहिए, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए वार्षिक आय सीमा 3 लाख रुपये और निमभन आय वर्ग के लाभार्थियों की आय सीमा तीन से छह लाख रुपये होनी चाहिए, बैंक खाता और पासबुक की छाया प्रतिलिपि, खाता वर्तमान में चालू होना चाहिए। आधार कार्ड क्रमांक की छाया प्रतिलिपि, मोबाइन नंबर जो चालू हो, भू स्वामित्व संबंधी अभिलेख की प्रतिलिपि।
डूडा शहर में देगा आवास
शहरी गरीबों को डूडा 2400 आशियाना मुफ्त में मुहैया कराएगा। सबके लिए आवास योजना के तहत नगर पालिका और नगर पंचायत में रहने वाले बेघर परिवारों को योजना का लाभ मिलेगा। झुग्गी बस्ती और गैर झुग्गी बस्तियों में रहने वाले परिवार भी योजना के पात्र होंगे। बता दें कि जनपद में 17 निकाय क्षेत्र हैं।
पात्रता की शर्त के हिसाब से डाटा बैंक बना लिया गया है। निकायों में गरीबों के आवासों के लिए भूमि की तलाश जारी है। निकाय क्षेत्रों में ही आवासों का निर्माण होगा। - एएम खान, परियोजना अधिकारी, बुलंदशहर
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत करीब 2100 गरीब परिवारों को आशियानों की सौगात मिलेगी। इस संबंध में साफ्टवेयर में अपलोडिंग कर दी गई है।
- मुरारी लाल, पीडी, डीआरडीए