सभी के घरों में कुट्टू का आटा धेदा गुरुद्वारा मार्केट स्थित धमीजा किराना स्टोर से खरीदा गया था। स्टोर मालिक नेहा का कहना था कि वह मुख्य बाजार से अंकित गर्ग की दुकान से आटा खरीदकर लाया था। इस पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) के अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच-पड़ताल के बाद दोनों दुकानों पर सील लगा दी है। आसपास की दुकानों से कुट्टू के आटे के नमूने लिए गए हैं।
बीमार पड़े लोग आयुध निर्माणी फैक्टरी परिसर, कनौजा गांव, शिवम विहार और न्यू डिफेंस कॉलोनी के हैं। इनमें फैक्टरी परिसर के निवासी नितिन चौधरी, सुशील त्यागी, सूरज पाल वर्मा, शशीबाला, रेखा ने बताया कि पकौड़ी खाते ही सिर में चक्कर आने लगे और पेट में दर्द होने लगा। थोड़ी देर बाद ही उल्टियां लग गईं तो वे अस्पताल पहुंचे।
अस्पताल पहुंचकर पता चला कि कुट्टू के आटे से और भी लोग बीमार पड़े हैं। रात 12 बजे तक फैक्टरी परिसर से ही 19 लोग पहुंच गए, जबकि आसपास के भी कई लोग थे। कई लोगों को आटीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया।
इन लोगों की बिगड़ी हालत
बीमार पड़े लोगों में निर्माणी परिसर निवासी सारिका चौधरी, नितिन चौधरी, मुकेश, पुष्पा, यश त्यागी, आभा, आदित्य, गरिमा त्यागी, सूरजपाल वर्मा, अनुपम, अर्शी, रेखा, दृष्टि, तनू, पायल, विपिन, राजेश कुमार, मयंक, शशीबाला, बीएस राना, नीतू, तरूण, दक्ष, गुलशन, अंशु, न्यू डिफेंस कॉलोनी निवासी हर्ष व सिमरन, शिवम विहार कॉलोनी निवासी पलक, वंश, राकेश देवी, जीतपुर में मनोज, विपुल, रिया, बालेश, निक्की, निशू व कनौजा गांव के विपिन, नितिन, बबीता और कविता शामिल हैं।
दुकान पर लटका मिला ताला
एफएसडीए की टीम ने पहले धमीजा किराना स्टोर से कुट्टू के आटे का नमूना लिया। इसके बाद स्टोर पर सील लगा दी। स्टोर की संचालक नेहा ने बताया कि उन्होंने 85 किलो आटा बेचा था। उसे जानकारी लेकर टीम मुख्य बाजार में अंकित गर्ग की दुकान पर पहुंची। यहां ताला लटका मिला। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एनएन झा ने बताया कि दुकानदार के आने पर नमूने लिए जाएंगे। फिलहाल सील लगा दी गई है।
लोगों को करेंगे जागरूक
मोदीनगर के एसडीएम संतोष कुमार राय का कहना है कि लोगों के साथ बैठक कर बताया जाएगा कि कुट्टू का आटा खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखा जाए। दुकानदारों को भी जागरूक किया जाएगा कि काफी समय से रखा आटा न बेचें।
फफूंद लगने से होती है फूड प्वाइजनिंग
कुट्टू का आटा खाने से सेहत को कोई समस्या नहीं होती है। कुछ लोग कुट्टू के आटे में बाजरे के आटे या अन्य चीजों की मिलावट कर देते हैं। कई मामलों में देखा गया है कि कुट्टू का आटा काफी समया से रखा हुआ था। ऐसे में आटे में फफूंद लग जाती है। फफूंद से ही फूड प्वाइजनिंग होती है। इसलिए यह ध्यान देना जरूरी है कि कुट्टू का आटा काफी समय से रखा हुआ हो तो उसे न बेचा जाए।