जनपद में बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे सैकड़ों निजी अस्पतालों और क्लीनिकों पर स्वास्थ्य विभाग की नजर टेढ़ी हो गई है। समय सीमा निकलने के बावजूद इन निजी नर्सिंग होम और क्लीनिकों के रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण नहीं हो सका है। अब स्वास्थ्य विभाग इनके रजिस्ट्रेशन रद्द करने की तैयारी में है।
जनपद में करीब 750 निजी अस्पताल और नर्सिंग होम रजिस्टर्ड हैं। इन सभी अस्पतालों के रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण 30 अप्रैल तक किया जाना था लेकिन समय सीमा निकलने के बावजूद नवीनीकरण नहीं किया जा सका है।
अब तक महज 315 क्लीनिकों का ही नवीनीकरण किया जा सका है, जबकि 400 से ज्यादा क्लीनिकों का नवीनीकरण नहीं हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने अब इन क्लीनिकों के रजिस्ट्रेशन को रद्द करने की तैयारी शुरू कर दी है।
अपंजीकृत चिकित्सकों पर भी होगी कार्रवाई
जनपद में चल रहे करीब 3000 से ज्यादा अपंजीकृत क्लीनिकों को स्वास्थ्य विभाग छह माह के भीतर बंद करा देगा। शासन ने निर्देश दिए हैं कि अपंजीकृत क्लीनिकों पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
डिप्टी सीएमओ डॉ. अशोक तालियान ने बताया कि एक दर्जन टीमों का गठन कर जनपदभर में अपंजीकृत चिकित्सकों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
जिन क्लीनिक और नर्सिंग होमों के रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण नहीं हुआ है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बाबत शासन से भी निर्देश मिल चुके हैं।
डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ