संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। वाणिज्य कर विभाग की ओर से व्यापारियों को इन दिनों 40 पैसे और 90 पैसे के नोटिस दिए जा रहे हैं। नोटिस मिलने से व्यापारी हैरान हैं। बुधवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल का के पदाधिकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने डीएम रोड स्थित जीएसटी ज्वाइंट कमिश्नर को पत्र देकर नोटिस देने का विरोध किया। व्यापारियों ने मांग है की कि इस तरह के नोटिस न भेजे जाएं। इससे व्यापारियों के समय और धन का व्यय होगा। साथ ही जीएस पंजीयन निरस्त हो चुके व्यापारियों के आवेदन दोबारा लिए जाएं।
पश्चिमी उप्र उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश संरक्षक विजेंद्र सिंह व वरिष्ठ प्रदेश उपाध्यक्ष एसके सक्सेना ने बताया कि अधिकांश व्यापारियों के पास 40 पैसे, 90 पैसे के नोटिस पहुंच रहे हैं। जबकि इसके लिए विभाग से सर्कुलर आ गया है कि इस तरह के नोटिस न जारी किए जाए। ऐसे नोटिस पर रोक लगाई जाए। साथ ही जो व्यापारी दो करोड़ से कम टर्नओवर वाला है उसको 9सी दाखिल करना अनिवार्य नहीं है। ऐसे व्यापारियों को भी नोटिस भेजकर अर्थदंड लगाने की बात कही जा रही है। ऐसे नाटिस अधिकारी स्तर से ही जारी नहीं होने चाहिए। मंडल के जिलाध्यक्ष नरेश गोयल और सचिव सुमित माहेश्वरी ने बताया कि जिन व्यापारियों के जुलाई तक जीएसटी पंजीयन निरस्त हो चुके हैं उनके लिए सरकार ने दोबारा आवेदन करने के लिए योजना चलाई। लेकिन व्यापारियों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। जिला महामंत्री अनुराग अग्रवाल और नगर प्रभारी विजय गुप्ता ने बताया कि व्यापारियों की समस्या के समाधान के लिए ज्वाइंट कमिश्नर को पत्र दिया है। ज्वाइंट कमिश्नर ने व्यापारियों को समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।