बुलंदशहर। जिले में लगातार रुक-रुक कर हो रही बारिश से गेहूं की फसल को करीब 30 फीसदी नुकसान हो गया है। सबसे अधिक नुकसान दो दिन पूर्व बारिश संग हुई ओलावृष्टि से हुआ। मंगलवार को भी रुक-रुक कर बारिश जारी रही, जिससे किसान चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि और बारिश हुई तो नुकसान और बढ़ सकता है। मौसम वैज्ञानिक अभी बृहस्पतिवार तक ऐसा ही मौसम रहने और बारिश होने का अनुमान जता रहे हैं।
जिले में पिछले कई दिनों से रुक-रुक कर बारिश व ओलावृष्टि जारी है। मंगलवार को फिर अचानक बदले मौसम के चलते हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जहां एक ओर गेहूं की फसल पूरी तरह पककर कटाई के लिए तैयार खड़ी है, वहीं हल्की बारिश के कारण खेतों में कटाई का कार्य पूरी तरह ठप हो गया। किसान महीपाल का कहना है कि इस समय मौसम का खराब होना उनकी मेहनत पर पानी फेर सकता है। कई किसानों ने पहले ही कटाई शुरू कर दी थी, लेकिन बारिश के चलते उन्हें काम बीच में ही रोकना पड़ा।
किसान निरंकार शर्मा ने बताया कि दो दिन पहले बारिश संग हुई ओलावृष्टि से गेहूं की फसल सबसे अधिक खराब हुई है। शिकारपुर क्षेत्र के किसान किशनपाल का कहना है कि ओलावृष्टि संग हुई बारिश से खेतों में कटी फसल पूरी तरह डूब गई। अभी खेतों का पानी भी नहीं सूखा और मंगलवार को फिर से बारिश ने चिंता बढ़ा दी है। इस बारिश से जहां गेहूं कटाई का काम रुक गया। वहीं, पहले से भीग चुकी फसल को सुखाने के लिए कई दिन तक मेहनत करनी पड़ेगी।
मंगलवार को पूरे दिन बादलों की आवाजाही जारी रही। इस बीच रुक-रुक कर जहां-तहां बारिश होती ही। तेज हवाओं के बीच यह बारिश कहीं अधिक तो कहीं कम हुई। इससे मौसम में भी काफी बदलाव आ गया और आमजन को जगह-जगह जलभराव व कीचड़ बनने से परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐसे मौसम के बीच अधिकतम तापमान कम होकर 29 और न्यूनतम 17 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। आद्रता 71 फीसदी और हवा की गति 12 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच दर्ज की गई। वहीं, सोमवार को अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। कृषि विज्ञान केंद्र की अध्यक्ष व मौसम वैज्ञानिक डा. रेशु सिंह का कहना है कि अभी ऐसे मौसम से राहत मिलने की संभावना नहीं बन रही। बृहस्पतिवार तक ऐसा ही मौसम रहने और बारिश होने का अनुमान लगातार बन रहा है। इस समय यह बेमौसम बारिश हो रही है और इससे सबसे अधिक नुकसान गेहूं की फसल को है। बुधवार अधिकतम तापमान तीन डिग्री कम होकर 26 और न्यूनतम दो डिग्री कम होकर 15 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचने का अनुमान है।
गेहूं की फसल का आंकलन करने के लिए जिले में नामित बीमा कंपनी के कर्मचारियों को जायजा लेकर रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा कराने वाले किसान अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। बीमा कंपनी की ओर से बीमा कराने वाले किसानों को ही मुआवजा दिए जाने का प्रावधान है। - रामकुमार यादव, जिला कृषि अधिकारी।
48 से 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर है गेहूं का उत्पाद
बुलंदशहर। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत मौसम रबी 2025-26 में गेंहू की क्रॉप कटिंग कर उत्पादन का जायजा लिया गया। गांव कुड़वल बनारस में क्रॉप कटिंग से जिले में गेहूं का उत्पादन 48 से 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर आका गया है। क्राॅप कटिंग एसडीएम प्रशासन प्रमोद कुमार पांडेय व जिला कृषि अधिकारी रामकुमार यादव की मौजूदगी में किया गया। इस दौरान जनपदीय सांख्यिकी अधिकारी श्री सौरभ गुप्ता, राजस्व निरीक्षक सुरेश चंद, लेखपाल अशोक कुमार, फसल बीमा जिला समन्वयक अनिल कुमार व तहसील समन्वय जय भारत वीर, ग्राम प्रधान इंदु और किसान योगेंद्र कुमार व चरण सिंह आदि मौजूद रहे।