बुलंदशहर। जिले में बुधवार पूरा दिन लगातार हुई 30 एमएम बारिश से नगर से लेकर देहात तक सड़क व गलियां ताल-तलैया बन गईं। इस बारिश से जहां तापमान गिरा है। वहीं, आमजन के साथ किसानों की चिंता बढ़ा दी है। धान समेत कई फसलों को 20 से 50 फीसदी तक से अधिक नुकसान की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक बारिश जारी रहने की संभावना जता रहे हैं।
जिले में पिछले सप्ताह लगातार छह दिन बारिश हुई। इस बीच फसलों को 15 से 45 फीसदी नुकसान की संभावना जताई गई। बुधवार को भी पूरा दिन बारिश होती रही। इससे जनजीवन प्रभावित हो गया। कालाआम, मोहल्ला साठा, आवास विकास, राधानगर, बीसा कालोनी, सूर्य नगर, आवास विकास द्वितीय, देवीपुरा, अनूपशहर बस अड्डा, चांदपुर रोड और काली नदी आदि जगह सड़क व गलियाें में जलभराव हो गया। डिबाई में महादेव चौराहे से घंटाघर तथा बाटा गली से होली गेट तक बाजार में दो-दो फीट पानी फिर भर गया। लेकिन बुधवार बाजार बंदी के चलते पहले ही सामान समेट लेने से दुकानदारों ने राहत भारी सांस ली। इसी तरह अनूपशहर, अहार, गुलावठी, शिकारपुर, जहांगीराबाद ऊंचागांव, बीबीनगर, औरंगाबाद, बुगरासी और नरौरा समेत जिले भर में बारिश से हुए जलभराव से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। वहीं, बारिश होने से किसानों को अपनी फसलों की चिंता सताने लगी है।
कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. विवेकराज के अनुसार बुधवार को शाम तक 30 एमएम बारिश दर्ज की गई। यह बारिश अभी जारी रहने की संभावना है। बारिश होने से अधिकतम तापमान कम होकर 23 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है। आर्द्रता 100 फीसदी और हवा की गति 5 से 8 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास रही। बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 28 और न्यूनतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। इस बारिश से आमजन के साथ पशु और पक्षी भी बेहाल हैं।
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बीमा कंपनी कर रहीं फसलों का सर्वे, उसके बाद मिलेगा लाभ
जिला कृषि अधिकारी रामकुमार यादव ने बताया कि पिछले दिनों हुई बारिश से खराब हुई फसल का बीमा कंपनी ने सर्वे शुरू कर दिया है। वहीं, अब एक बार फिर बारिश शुरू होने से फसलों को और नुकसान की संभावना बन गई है। किसान अपनी खराब फसल का बीमा लेने के लिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि पहले और अब जारी बारिश से धान की फसल को 20 से 25 फीसदी नुकसान की संभावना है। बाजरा व ज्वार में 40 फीसदी तक, अरहर, उड़द व मूंग दलहन की फसलों में 50 फीसदी नुकसान की आशंका है। सबसे अधिक नुकसान पालक, गोभी, मिर्च, मूली और शलजम की फसल को है। यदि इसी तरह और बारिश हुई तो गिरी धान की फसल में बनी बाली गलने के साथ रोग लगने की संभावना बन सकती है। फसल खराब होने का आकलन सर्वे से ही पता चलेगा।
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बाजारों व सड़कों पर पसरा रहा सन्नाटा
बुधवार पूरा दिन जारी रही बारिश के चलते बाजारों में पूरा दिन सन्नाटा पसरा रहा। ऐसे में दुकानदार आदि ग्राहकों का इंतजार करते रहे। जरूरी सामान लेने वाले ही बाजार पहुंचे। लगातार हो रही बारिश के चलते पहले से सड़कों में बने गड्ढे और बड़े हो गए। पिछले दो से तीन दिनाें के बीच मिली बारिश से राहत के बीच कुछ सड़कों के गड्ढों को पत्थर व बजरी डालकर भरा गया, लेकिन अब बारिश शुरू होने से वह फिर से गड्ढों में तबदील हो गए।
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बारिश के चलते समय-समय पर गुल होती रही बिजली
बुलंदशहर। नगर समेत जिलेभर में बुधवार सुबह से हुई बारिश के चलते बिजली गुल की समस्या बनी रही। नगर समेत जिलेभर में बिजली की लाइनों में फाल्ट हो गए। ऐसे में बिजली कर्मचारियों ने फाल्ट ठीक किए। इसके बाद बिजली सप्लाई चालू हो सकी। वहीं कुछ स्थानों पर पूरे दिन बिजली की आंख-मिचौली जारी रही, इससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं, सूचना मिलने पर बिजली कर्मचारी इन फॉल्ट को ठीक करने के लिए सुबह से ही जुटे रहे। ऐसे में कई मोहल्लों एवं गांवों में काफी देर तक लाइट नहीं आई तो लोगों की बेचैनी बढ़ गई। ऊर्जा निगम के एक्सईएन नगर एसके पांडे ने बताया कि बारिश के कारण कई जगह फाल्ट हो गए, जिन्हें शीघ्र ठीक कराने के कर्मचारियों को निर्देश दिए गए। ठीक होने पर आपूर्ति बहाल कर दी गई।
बारिश में जलभराव