डीएम आंजनेय कुमार ने मंगलवार को तेवर बदले तो शुगर मिल प्रबंधकों ने मीटिंग में ही गन्ना बकाया के चेक काटकर दे दिए। गन्ना भुगतान समेत कई मांगों को लेकर भाकियू कार्यकर्ता और डीएम के बीच कलक्ट्रेट सभागार में बैठक चल रही थी।
डीएम ने जैसे ही सख्ती की तो मिल प्रबंधकों ने चेकबुक निकालकर चेक काटने शुरू कर दिए। डीएम ने चेतावनी दी है कि यदि 15 जनवरी तक चेक का पेमेंट नहीं हुआ तो 16 जनवरी को पुलिस भेज दूंगा।
कलक्ट्रेट सभागार में गन्ना किसान और डीएम के बीच मंगलवार शाम गन्ना बकाया पर बैठक शुरू हुई। इसमें शुगर मिल और गन्ना विभाग के अफसर भी मौजूद थै। किसानों ने गन्ने का बकाया भुगतान न मिलने की समस्या डीएम के सामने रखी।
किसानों ने कहा कि सिंभावली शुगर मिल 175 करोड़ रुपये की लागत से अपनी परियोजना लगा रहा है, लेकिन किसानों को पेमेंट नहीं कर रहा। डीएम ने गन्ना अफसरों से पेमेंट में देरी का कारण पूछा और सुधरने की नसीहत दी। उन्होंने मिल अफसरों के पेंच कसे और कहा जब आपने गन्ना खरीद लिया तो पेमेंट क्यों रोका?
पहले जैसा होता रहा ठीक है, अब भुगतान करना होगा। मिल प्रबंधकों को पुराना और नया पेमेंट 15 जनवरी तक हर हाल में करना होगा। डीएम ने यह भी कहा कि 15 जनवरी तक यदि पेमेंट नहीं हुआ तो 16 जनवरी को मिल प्रबंधकोें से पुलिस निपटेगी।
डीएम की सख्ती के बाद मिल प्रबंधकों ने डीएम को गन्ना बकाया के चेक सौंप दिए। बैठक में किसान यूनियन के मंडल अध्यक्ष मांगे राम त्यागी, जिलाध्यक्ष बिशन सिंह, जगतवीर सिंह, श्यौराज सिंंह, सुखवीर सिंह आदि मौजूद रहे।
सिंभावली व बैजनाथपुर शुगर मिलों पर था बकाया
किसानों का सिंभावली व बैजनाथपुर शुगर मिलों पर पिछले सत्र का 26 करोड़ रुपया बकाया था। बार-बार के आश्वासन के बावजूद मिल प्रबंधन इसका भुगतान नहीं कर रहा था। डीएम की सख्ती के बाद मंगलवार को सिंभावली व शुगर मिलों के प्रबंधन ने तत्काल 26 करोड़ के चेक काटकर दे दिए। इन चेक का भुगतान मिलने पर डीसीओ किसानों के खाते में उनका भुगतान ट्रांसफर करा देंगे।
डीएम साहब का रुख ठीक रहा। उन्होंने बकाया भुगतान की हर मुमकिन कोशिश की। उनकी सख्ती के कारण ही मिल प्रबंधकों को चेक काटकर देने पड़े। आज तक कभी ऐसा नहीं हुआ है। किसानों का धरना समाप्त हो गया है। मांगे राम त्यागी, मंडल अध्यक्ष भाकियू