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Bulandshahar News: ट्रक में ले जाई जा रही 250 कट्टा नकली खाद पकड़ी

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सहारनपुर से अलीगढ़ ले जा रही नकली पोटाश पकड़े जाने पर जांच करते जिला कृ​षि अ​​धिकारी व अन्य। सं
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बुलंदशहर। वलीपुरा नहर के पास से सोमवार को नकली पोटाश (खाद) से भरा एक ट्रक पकड़ा गया है। सहारनपुर से पोटाश लादकर ट्रक अलीगढ़ जा रहा था। पोटाश को आईपीएल ब्रांड के 250 कट्टों में भरा गया था। चालक और परिचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर जांच के लिए सैंपल लिए गए हैँ।
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जिला कृषि अधिकारी रामकुमार यादव ने बताया कि वलीपुरा नहर के पास ट्रक को रोककर जांच की गई तो उसमें 250 कट्टे नकली पोटाश मिली। इसके बाद पुलिस को बुलाकर पोटाश से भरे ट्रक को कब्जे में ले लिया गया। उन्होंने बताया कि बिना उर्वरक प्राधिकरण की अनुमति के उर्वरक का व्यापार करना, कालाबाजारी करना, अवैध रूप से भंडारण करना, निर्माता कंपनी से संदिग्ध उर्वरक प्राप्त करना, ब्रांडेड कंपनी के बैग छपवाकर उनमें भरना दंडनीय अपराध है।
रामकुमार यादव ने बताया कि जब चालक इरजाद और परिचालक फरीद से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि वह इस पोटाश को अलीगढ़ लेकर जा रहे थे। सहारनपुर से यह पोटाश ट्रक में लोड की थी। उन्होंने कबूल किया कि वह इससे पहले भी इस तरह की पोटाश अलीगढ़ पहुंचा चुके हैं। इरजाद व फरीद से सहानपुर में जहां से नकली पोटाश ट्रक में भरी थी, उसकी पूरी जानकारी प्राप्त कर ली है।
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पकड़ी गई नकली पोटाश की जानकारी डीएम समेत विभागीय अधिकारियों को भी दे दी गई है। इसका सैंपल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। नकली पोटाश पकड़े जाने पर नगर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराते हुए आगामी जांच भी शुरू कर दी गई है। साथ ही इस धंधे से जुड़े तारों का पता लगाने के लिए भी जाल बिछा दिया है।
जिले में भी नकली पोटाश सप्लाई करने की आशंका
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि पिछले दिनों हापुड़ में तीन गोदामों पर नकली उर्वरक का जखीरा बरामद किया गया था। वहां पर भी नकली उर्वरक के तार सहारनपुर से जुड़े थे। प्रथम दृष्टया जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इस तरह की नकली पोटाश की सप्लाई जिले में भी की गई है। नकली उर्वरक तैयार करने वाले जहां किसानों को मोटा चूना लगाते हैं, वहीं इसका उपयोग करने से फसलों को कोई फायदा नहीं होता है।
कई मामले आ चुके सामने
पकड़ी गई नकली उर्वरक का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जिले मेंं इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। जिला कृषि अधिकारी रामकुमार यादव ने बताया कि उन्होंने पिछले साल चार और 22 अक्तूबर को जिले में नकली डीएपी पकड़ी गई थी। उस समय पकड़ी गई नकली डीएपी के तार हापुड़ से जुड़े मिले थे।
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