नोटबंदी के एक महीने बाद भी लोगों को राहत नहीं मिल सकी है। अधिकतर बैंक और एटीएम खाली पड़े हैं। जिन बैंक-एटीएम में पैसा मौजूद हैं, वहां लंबी-लंबी लाइनें लगी हुईं हैं। शुक्रवार को जिले के 256 बैंकों में से 200 बैंक कैशलेस थे। महज 56 बैंकों पर ही पैसा मौजूद था। पंजाब नेशनल बैंक की किसी भी शाखा में पैसा नहीं था।
इलाहाबाद बैंक और एसबीआई की कुछ शाखाओं में ही कैश मौजूद था। इन बैंकों के बाहर लोगों की लंबी-लंबी लाइनें लगी हुईं थीं। 95 फीसदी एटीएम खाली पड़े हुए हैं। जिन एटीएम में कैश था, वहां लंबी-लंबी लाइनें लगी हुई थीं। हालात ऐसे हैं कि जिन एटीएम में कैश हैं, वहां कम से कम तीन से चार घंटे में नंबर आता है।
बड़ी संख्या में तो लोग घंटों लाइन में लगने के बावजूद पैसा नहीं निकाल पाते हैं। जब तक उनका नंबर आता है, तब तक पैसा निपट जाता है। लीड बैंक मैनेजर सतपाल मेहता का कहना है कि आरबीआई की तरफ से पर्याप्त मात्रा में कैश उपलब्ध न करा पाने के कारण दिक्कत आ रही हैं। उम्मीद है कि मंगलवार को आरबीआई द्वारा कैश उपलब्ध करा दिया जाएगा।
सिकंदराबाद में शुक्रवार को भी कैश की किल्लत के चलते नगर के अधिकांश बैंकों के बाहर नो कैश का नोटिस चस्पा किया गया। कैश लेने के लिए सुबह से ही कतार में लगे लोगों ने हंगामा किया। मौजूद पुलिसकर्मियों ने जैसे-तैसे लोगों को समझा-बुझाकर स्थिति को संभाला।
नगर के केवल एसबीआई, बैंक ऑफ पटियाला ने ही शाम तक कैश बांटा। पंजाब नेशनल बैंक एचडीएफसी बैंक में दोपहर तक कैश खत्म हो गया।