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खुले में शौच को मजबूर 2.50 लाख परिवार

Tue, 18 Apr 2017 11:21 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो / बुलंदशहर
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शौचालय से वंचित - फोटो : अमर उजाला
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स्वच्छता अभियान को केंद्र व प्रदेश सरकार ने अपनी प्राथमिकता में शामिल किया हुआ है। इसके बावजूद यह अभियान आमजन को नहीं जोड़ पा रहा है। यही कारण है कि अभी भी 2.50 लाख परिवार शौचालय से वंचित हैं। ऐसे में ये खुले में शौच को मजबूर हैं।
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हालांकि, इस साल पंचायत राज विभाग 450 गांवों में घर-घर वंचित परिवारों को शौचालय की सौगात देने का दावा कर रहा है। अर्थ एवं सांख्यिकी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले के ग्रामीण इलाकों में चार लाख 40 हजार 668 और नगरीय क्षेत्र में एक लाख 46 हजार 861 परिवार हैं।

कुल मिलाकर जिले में परिवारों की संख्या पांच लाख 87 हजार 529 है। इनमें से 2.50 लाख परिवार शौचालय से वंचित हैं। स्वच्छता को लेकर जनपद में कई योजनाए आई जरूर, लेकिन गरीबों की चौखट तक इनकी दस्तक नहीं पहुंची। यही कारण रहा कि आजादी के छह दशक बाद भी बुलंदशहर में 2.50 लाख परिवार शौचालय की सुविधा से महरूम हैं।
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शौचालय रहित परिवार असुरक्षित माहौल में खुले में शौच के लिए मजबूर हैं। इससे न सिर्फ प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान की शान में बट्टा लग रहा  है, बल्कि पर्यावरण में भी जहर घुल रहा है। अफसरों के मुताबिक, मौजूदा वित्त वर्ष में 450 गांवों को खुले में शौच से मुक्त कर दिया जाएगा।

इस क्रम में 125 गांवों को खुले में शौच से मुक्ति भी मिल गई है। काम की रफ्तार यूं ही बरकरार रही तो 450 गांवों में कम से कम एक लाख शौचालयों का निर्माण पूरा करा लिया जाएगा।

किस ब्लाॅक में कितने परिवार
सिकंदराबाद            48025
गुलावठी            17315
लखावटी            19101
बुलंदशहर            30583
शिकारपुर            28835
बीबीनगर            18415
स्याना            18886
जहांगीराबाद            26929
खुर्जा            35487
अरनिया            25454
पहासू            33459
ऊचागांव            25264
दानपुर            31069
डिबाई            31169
अनूपशहर            30153
अगौता            20524

जिले में 2.50 लाख परिवार शौचालय की सुविधा से वंचित हैं। वंचित परिवारों में शौचालय बनवाने लिए 450 गांवों को ओडीएफ करने का लक्ष्य हैं।  राजेश कुमार सिंह, डीपीआरओ, बुलंदशहर
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