फ्रेट कॉरिडोर : चस्पा नोटिस की मियाद पूरी, बुलडोजर से ढहाए मकान-दुकान
खुर्जा जंक्शन। चस्पा नोटिस की मियाद पूरी होने पर डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित जमीन की जद में आ रहे मकान और दुकानों को प्रशासन ने बुलडोजर चलवाकर ढहा दिया। प्रशासन की सख्ती और भारी फोर्स के आगे दुकान-मकान स्वामियों की एक न चली। वहीं किसान नेता भी बगले झांकते नजर आए। जंक्शन पर सोमवार तड़के से ही भारी फोर्स मौजूद रही। कार्रवाई के लिए कुछ दिन का समय मांगने लोग तहसील पर पर पहुंचे थे लेकिन एसडीएम ने सिर्फ दो घंटे का समय दिया था। उसके बाद प्रशासनिक टीम ने कार्रवाई शुरू कर दी।
फ्रेट कॉरिडोर के लिए अधिग्रहित जमीन के लिए उचित मुआवजे की मांग को लेकर किसानाें का विरोध प्रदर्शन काफी दिनों से चल रहा है। वहीं जंक्शन क्षेत्र में कई मकान और दुकानें भी फ्रेट कॉरीडोर निर्माण की जद में आ रहे थे। इसे लेकर एडीएम अरविंद मिश्र के निर्देश पर 25 अगस्त को जंक्शन क्षेत्र स्थित मकानों-दुकानों पर नोटिस चस्पा करवाते हुए 27 अगस्त तक खाली करने के निर्देश दिए गए थे। इसे लेकर किसानों ने उस दिन विरोध भी किया था। सोमवार को कई थानों की फोर्स के साथ प्रशासनिक टीम जंक्शन क्षेत्र में पहुंच गई। मकानों और दुकान खाली करने के लिए कुछ दिन समय की मांग को लेकर तहसील पहुंचे। जहां पर एसडीएम सदानंद गुप्ता ने सिर्फ दो घंटे का समय दिया। समय पूरा होने पर पूर्वान्ह करीब 3 बजे मकानों और दुकानों पर बुलडोजर चलवाकर ढहा दिया गया। पुलिस बल की मौजूदगी दो मकानों को ध्वस्त कराते हुए तीसरे मकान में बाकि दो मकानों का सामान रखवा दिया गया। इसके अलावा करीब 4 दुकानों पर कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान कुछ लोग विरोध करने पहुंचे लेकिन भारी पुलिस फोर्स के आगे उनकी एक न चली। वहीं किसान नेता भी बेबस नजर आए।
कोट्स
डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर के तहत जमीन अधिग्रहित की जा चुकी है। जिन लोगों के मकान और दुकान तोड़े गए है।
वह लोग पहले से ही मुआवजा उठा चुके हैं। उन्हें नोटिस चस्पा कर छोड़ने के निर्देश कई बार दिए जा चुके हैं। तोड़फोड़ का अभियान प्रशासन लगातार जारी रखेगा। अन्य लोगों को दो दिन का समय दिया गया है। फ्रेट कॉरिडोर निर्माण में अब और लेटलतीफी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सदानंद गुप्ता, एसडीएम खुर्जा
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खेतों में प्रशासन ने रखवा दिया ग्रामीणों का सामान
फोटो समाचार
खुर्जा। बुलडोजर चलने के बाद प्रशासन ने ग्रामीणों का सामान रेलवे ट्रैक के नजदीक खेतों में रखवा दिया। बारिश में खुले आसमान के नीचे बैठे ग्रामीण सामान की हिफाजत करते नजर आए। ग्रामीणों ने प्रशासनिक कार्रवाई को हिटलरशाही करार दिया। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन ने उन्हें मकानों से सामान निकालने का समय भी नहीं दिया।
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