फ्रेट कॉरीडोर: कब्जा लेने आई टीम का काम ग्रामीणों ने रोका
- अधिग्रहित जमीन के आड़े आ रहे 14 मकान, मुआवजा न मिलने का आरोप
- विरोध करने पहुंचे लोग जेसीबी के आगे बैठे, टीम के लोगों को भगाया
अमर उजाला ब्यूरो
खुर्जा जंक्शन।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर (डीएफसी) के तहत अधिग्रहित जमीन पर बने भवन और प्लॉट के मालिकों ने कब्जा लेने आई टीम को रोक दिया। गुस्साए लोग जेसीबी के सामने बैठ गए और हंगामा करने लगे। लोगों का आरोप है कि अब तक उन्हें मुआवजा नहीं मिला है। मुआवजा मिलने के बाद ही वह काम होने देंगे। लोगों के गुस्से को देखकर डीएफसी अधिकारी और कर्मी बैरंग लौट गए।
जंक्शन क्षेत्र के शिव नगर कॉलोनी में करीब 14 मकान और कुछ प्लॉट ऐसे हैं जो फ्रेट कॉरीडोर द्वारा अधिग्रहित भूमि में आते हैं। मकान और प्लॉट मालिकों का कहना है कि अब तक उन्हें उनकी जमीन का कोई मुआवजा फ्रेट कॉरीडोर निर्माण कंपनी की तरफ से नहीं दिया गया है। शनिवार सुबह करीब 10 बजे जेसीबी लेकर डीएफसी की टीम काम करने पहुंच गई। इस पर भवन स्वामियों का गुस्सा भड़क उठा। काफी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और टीम को काम करने से रोक दिया। कुछ लोग जेसीबी के आगे बैठ गए और हंगामा करने लगे। पीड़ित कांति देवी, रामवती, सहदेव आदि ने आरोप लगाया कि डीएफसी के लोगों ने उनके प्लॉट के किनारे लगी बाउंड्री तोड़ दी और ईंटों को बेच दिया। कॉलोनी के लोगों के गुस्से को देखकर डीएफसी के अधिकारी और कर्मचारी मौके से चले गए। कॉलोनी के लोगों ने कहा कि जब तक उन्हें उनकी जमीन का मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक वह किसी भी कीमत पर काम नहीं होने देंगे। विरोध प्रदर्शन करने वालों में सोनू, उर्मिला, संतोष, लक्ष्मी, धनवती, राजवती, कैलाश, व्रिजेश देवी आदि लोग रहे।